तिरुवनंतपुरम | केरल विधानसभा चुनाव 2026 के सरगर्म माहौल के बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद शशि थरूर के काफिले पर हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यह हमला उस समय हुआ जब थरूर मलप्पुरम जिले के वंडूर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। थिरुवल्ली चेलिथोडू पुल के पास मोटरसाइकिल सवार कुछ अज्ञात युवकों ने उनके काफिले को रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। इस दौरान जब थरूर के सुरक्षा गार्ड (गनमैन) ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उनके साथ हाथापाई की, जिसमें गनमैन को चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि हमले के वक्त शशि थरूर सुरक्षित रहे, लेकिन इस घटना ने राज्य की चुनावी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वंडूर पुलिस ने घायल गनमैन की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने अब तक इस मामले में मुख्य आरोपी उमर (निवासी कलिकावु) समेत कुल पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियां भी जब्त की हैं। मुख्य आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावरों ने जानबूझकर थरूर की कार का पीछा किया था। पुलिस अधिकारी अब इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या यह हमला किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था या इसके पीछे कोई अन्य राजनीतिक मकसद छिपा है।
शशि थरूर जैसे हाई-प्रोफाइल नेता पर हुए इस हमले ने केरल के चुनावी गलियारों में राजनीतिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है और चुनाव आयोग से उम्मीदवारों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले के बाद संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि मतदान से ठीक पहले हुई इस हिंसा से राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज हो सकता है, जिससे आगामी दिनों में चुनावी रैलियों के दौरान सुरक्षा घेरा और कड़ा किया जाना तय माना जा रहा है।

