नयी दिल्ली, 02 अप्रैल (वार्ता) इस साल फरवरी में हवाई यात्रियों की संख्या में सालाना आधार पर मामूली वृद्धि दर्ज की गयी और यह 1.41 करोड़ के करीब पहुंच गयी।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के गुरुवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि फरवरी में घरेलू मार्गों पर एक करोड़ 40 लाख 66 हजार यात्रियों ने सफर ने किया पिछले साल फरवरी में यह संख्या एक करोड़ 40 लाख 44 हजार रही थी।
भरी सीटों के अनुपात (पीएलएफ) के मामले में अकासा एयर एक बार फिर शीर्ष पर रही। फरवरी में उसका पीएलएफ 93.3 प्रतिशत रहा। इंडिगो 89.6 के साथ दूसरे और स्पाइसजेट 89 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही। एयर इंडिया समूह जिसमें एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं, का पीएलएफ 88.3 प्रतिशत रहा।
डीजीसीए ने बताया है कि फरवरी में कुल 0.35 प्रतिशत उड़ानें रद्द रहीं। इंडियावन एयर ने सबसे ज्यादा 7.81 प्रतिशत उड़ानें रद्द कीं। इसके बाद क्रमशः फ्लाई91 (4.50 प्रतिशत), अलायंस एयर (4.13 प्रतिशत), स्टार एयर (0.80 प्रतिशत) और एयर इंडिया (0.45 प्रतिशत) का स्थान रहा।
विमान सेवा कंपनियों ने उड़ानें रद्द करने के पीछे तकनीकी और परिचालन संबंधी कारणों का हवाला दिया है। कुल रद्द उड़ानों में 38.7 प्रतिशत तकनीकी कारणों से और 33.3 प्रतिशत परिचालन संबंधी कारणों से रद्द हुईं। मौसम संबंधी व्यवधानों का योगदान 18.1 प्रतिशत रहा।
