
जबलपुर। टीकमगढ़ के वेटलैंड्स के मामले में पूर्व निर्देशों का पालन नहीं होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी ने अपने कर्तव्यों में पूरी तरह विफल रहे हैं। एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ भोपाल ने निर्देश दिए कि जलाशयों का सीमांकन करवाकर तत्काल अतिक्रमण हटाए जाएं। अधिकरण ने इस मामले में विशेष टास्क फोर्स का गठन करने के निर्देश भी दिए। मामले की अगली सुनवाई 11 मई 2026 को होगी।
सोबरन यादव ने एनजीटी में याचिका दायर कर छह प्रमुख जलाशयों कृमहेंद्र सागर, ब्रंदावन तालाब, ग्वाल सागर, हनुमान सागर, महाराज सागर और शेल सागर में प्रदूषण, अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे। सुनवाई के दौरान एनजीटी ने पाया कि आरोप सही हैं। टीकमगढ़ में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का अभाव है। वेटलैंड्स में अतिक्रमण और अवैध निर्माण हो रहे हैं। ठोस कचरे का डंपिंग और प्रदूषण जारी है। वेटलैंड नियमए 2017 का उल्लंघन हो रहा है। अधिकरण ने कलेक्टर टीकमगढ़ को निर्देश दिए कि वेटलैंड्स का सीमांकन करें और तत्काल अतिक्रमण हटाएं। नगर परिषद बिना उपचारित सीवेज के स्रोतों का विवरण दें। तत्काल सीवेज को डायवर्ट करें। अधिकरण ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कार्रवाई नहीं करने पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिए।
