
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक विफलताओं के कारण प्रदेश के किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
पटवारी ने कहा कि 1 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदी के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। किसानों को अपनी उपज उचित मूल्य पर बेचने के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री के उस दावे की भी आलोचना की, जिसमें किसानों की आय आठ गुना बढ़ने की बात कही गई थी, और इसे वास्तविकता से दूर बताया।
पटवारी के अनुसार प्रदेश के कई किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं और ऋण चुकाने की समय-सीमा भी निकल चुकी है। इसके बावजूद खरीदी में देरी के कारण उन्हें मजबूरन अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एक ओर किसान खरीदी केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े हैं, वहीं सत्ता से जुड़े लोगों के गोदाम पहले ही गेहूं से भरे पड़े हैं।
उन्होंने राज्य सरकार को “संवेदनहीन” बताते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों की बजाय कर्ज और बिजली बिल वसूली को प्राथमिकता दे रही है। पटवारी ने एमएसपी पर तत्काल पारदर्शी खरीदी, भंडारण में गड़बड़ियों की जांच और किसानों को कर्ज भुगतान में राहत देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि करीब 40 प्रतिशत किसान डिफॉल्टर बनने के खतरे में हैं।
