छतरपुर: जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की उपज की बिक्री के लिए अब कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष स्टॉल लगाए जाएं। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
खाद के लिए 1 अप्रैल से ‘ई-टोकन’ अनिवार्य
किसानों की सहूलियत और पारदर्शिता के लिए कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से उर्वरकों (खाद) का वितरण केवल ई-वितरण (ई-टोकन) प्रणाली के माध्यम से ही किया जाएगा। इसके साथ ही भावांतर भुगतान योजना के तहत सरसों, चना और मसूर के शेष सत्यापन कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश कृषि अधिकारियों को दिए गए हैं।
नरवाई जलाई तो होगी FIR: कड़ा रुख
खेतों में नरवाई या पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन बेहद सख्त है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि नरवाई जलाने वाले किसानों पर भारी पेनाल्टी लगाई जाए और आवश्यकता पड़ने पर FIR की कार्रवाई भी की जाए।
समाधान: किसानों को ‘हैप्पी सीडर’ और ‘सुपर सीडर’ जैसे यंत्रों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
गेहूं खरीदी: ₹2625 मिलेगा एमएसपी (MSP)
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए उपार्जन केंद्रों पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलेक्टर ने बताया कि इस बार किसानों को गेहूं की खरीदी पर कुल ₹2625 प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा। इसमें भारत सरकार द्वारा निर्धारित ₹2585 और राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला ₹40 का बोनस शामिल है।
आधुनिक सिंचाई और उद्यानिकी पर जोर
सूक्ष्म सिंचाई: मिनी ड्रिप और स्प्रिंकलर के लिए किसानों से पोर्टल पर आवेदन कराने के निर्देश।
उद्यानिकी: सब्जी क्लस्टर विकास और पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत यंत्रों का भौतिक सत्यापन करने के आदेश।
बलराम तालाब: कृषि विभाग को लक्ष्य निर्धारित कर नए तालाबों के निर्माण की बात कही गई।
बैठक में ये रहे मौजूद:
समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, संयुक्त कलेक्टर अंजली द्विवेदी, एसडीएम विशा माधवानी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
