
बैतूल। जिले के जलाशयों और नहरों के सुधार एवं कायाकल्प की योजना बजट के अभाव में लंबे समय से अटकी हुई है। जल संसाधन विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है, जिससे मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह योजना पिछले एक वर्ष से बजट स्वीकृति का इंतजार कर रही है। इसमें बैतूल डिवीजन की 40 और मुलताई क्षेत्र की 12 नहरों के साथ कुल 5252 किलोमीटर नेटवर्क के सुधार का प्रस्ताव शामिल है। विभाग ने इसके लिए करीब 38.53 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
वर्तमान में सीमित बजट के कारण केवल छोटे-मोटे कार्य ही किए जा रहे हैं, जबकि नहरों की संरचनात्मक मरम्मत नहीं हो पा रही है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। रबी सीजन में पानी छोड़े जाने के दौरान बड़ी मात्रा में पानी रास्ते में ही रिसाव के कारण बर्बाद हो जाता है, जिससे अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता और उत्पादन प्रभावित होता है।
विभाग का कहना है कि प्रस्ताव मंत्रालय में लंबित है और स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। योजना के पूरा होने पर हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बेहतर होगी और किसानों को राहत मिलेगी। फिलहाल विभाग बजट मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
