उखीमठ/देहरादून (वार्ता) उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जनपद अंतर्गत स्थित भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष 22 अप्रैल को वृष लग्न में प्रात: आठ बजे आगामी ग्रीष्मकालीन दर्शनार्थ खुलेंगे।रविवार पूर्वाह्न महा शिवरात्रि के अवसर पर परंपरानुसार केदारनाथ रावल भीमा शंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल एवं मंदिर समिति सदस्यों, धर्माचार्यों,जन प्रतिनिधियों वेदपाठियों एवं पंचगाई हक हकूकधारियों, प्रशासन की उपस्थिति में शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में पंचांग गणना के पश्चात कपाटोद्घाटन की तिथि घोषित हुई। साथ ही, भगवान श्री केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली के केदार प्रस्थान का कार्यक्रम भी घोषित हो गया।
इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ को भब्य रूप से साढ़े नौ क्विंटल फूलों से सजाया गया था तथा दानीदाताओं ने भंडारे आयोजित किये। सैकड़ो श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर मंदिर में दर्शन किये। सम्पूर्ण वातावरण जय श्री केदार के उदघोष के साथ भक्तिमय हो गया।
कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सभी देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को शिवरात्रि की शुभकामनाएं दी तथा श्री बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने यात्रा तैयारियों के निर्देश देते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम की यात्रा आस्था, परंपरा और आजीविका का समन्वित स्वरूप है, जिसमें हक-हकूकधारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंदिर समिति परंपराओं और अधिकारों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा प्रदेश के कुशल नेतृत्वशील मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने को समिति, राज्य सरकार एवं प्रशासन के साथ समन्वय से कार्य कर रही है।
श्री द्विवेदी ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुल रहे है। आज श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारित होते ही अब बीकेटीसी यात्रा तैयारियों को गति देगी। इस दौरान, बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने कहा कि श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निश्चित होते ही यात्रा तैयारियां पूरी की जा रही है। इस संदर्भ में मंदिर समिति कार्यालयों, विश्राम गृहों का निरीक्षण भी चल रहा है।
श्री थपलियाल ने बताया कि आज शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न कपाट खुलने की तिथि निर्धारण के कार्यक्रम में भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली यात्रा का केदारनाथ पहुंचने का कार्यक्रम भी घोषित हुआ। जिसमें मंदिर में 18 अप्रैल को भैरवनाथ जी की पूजा अर्चना संपन्न हो जायेगी। इसके बाद भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली 19 अप्रैल को फाटा रवाना होगी। 20 अप्रैल दूसरे पड़ाव गौरीकुंड तथा 21 अप्रैल अप्रैल को पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच जायेगी जहां 22 अप्रैल को प्रात: आठ बजे इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे।
मुख्य कार्य अधिकारी ने बताया कि इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ धाम में एमटी गंगाधर मुख्य पुजारी का दायित्व संभालेंगे। श्री मदमहेश्वर धाम के लिए शिवशंकर लिंग श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ शिवलिंग पूजा व्यवस्था का दायित्व संभालेंगे। जबकि पुजारी बागेश लिंग अतिरिक्त व्यवस्था में रहेंगे। उन्होंने बताया कि आज शिवरात्रि के अवसर पर दानीदाता मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश निवासी अभिनव सुशील द्वारा श्री ओंकारेश्वर मंदिर को फूलों से सजाने में सहयोग किया।
