सतना: कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम हेतु सभी शासकीय व निजी संस्थानों में आंतरिक समिति गठित करना अनिवार्य है, जहां 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हों। समिति में वरिष्ठ महिला पीठासीन अधिकारी, दो प्रतिबद्ध सदस्य, एवं एक गैर सरकारी सदस्य शामिल होंगे।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि समिति का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा और सदस्यों में आधी महिलाएं होना अनिवार्य है। समिति न होने पर नियोजक को 50,000 का जुर्माना भुगतना होगा।
