जबलपुर: प्रदेश की धार्मिक नगरी जबलपुर आज भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठी। प्रदेश की सबसे बड़ी और प्रसिद्ध संस्कार कांवड़ यात्रा का सोमवार सुबह 6 बजे नर्मदा तट स्थित गौरी घाट से भव्य शुभारंभ हुआ। लगभग 35 किलोमीटर लंबी यह धार्मिक यात्रा खमरिया स्थित कैलाशधाम मंदिर तक जाएगी, अभी यह यात्रा रांझी से अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर रही है, जहां अपरान्ह में पवित्र नर्मदा जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
इस वर्ष एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल हुए हैं।संस्कार कांवड़ यात्रा का यह 15वां वर्ष है, हालांकि कोविड महामारी के कारण दो साल यात्रा नहीं निकल पाई थी। इस यात्रा की सबसे खास और प्रेरणादायक पहल ‘एक संकल्प एक पौधा’ है। यात्रा में शामिल हर श्रद्धालु अपने साथ नर्मदा जल के अलावा एक पौधा भी लेकर चलता है, जिसे खमरिया स्थित कैलाशधाम की पहाड़ियों में रोपा जाता है।
इसी निरंतर और समर्पित प्रयास का परिणाम है कि आज कैलाशधाम की पहाड़ी हरी-भरी वादियों में बदल चुकी है, जो पर्यावरण संरक्षण और आस्था का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है। यह पहल अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए भी एक बेहतरीन मिसाल पेश करती है। गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज संस्कार कांवड़ यात्रा अपनी भव्यता और जनभागीदारी के लिए जानी जाती है। इसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
