
मुरैना। यहां एक महिला की दलदल में डूबने से मौत हो गई। उक्त दलदल सरकारी पार्क के लिए अधिग्रहीत जमीन पर गंदगी और पानी जमा होने से बना है। यह हादसा देर रात हुआ। एसडीईआरएफ की टीम ने 3 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, तब जाकर आधी रात के बाद शव निकाला जा सका। महिला की पहचान अभी तक नहीं की जा सकी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब यह कॉलोनी बनी थी, तब जमीन पार्क बनाने के लिए दी गई थी। पार्क नगर निगम को बनाना था।
महिला ने हरे रंग का नया सलवार सूट पहना था, इसमें सितारे जड़े थे। प्रत्यक्षदर्शी बल्ली गुर्जर ने बताया कि महिला दौड़कर आई और एक पेड़ की आड़ में छिपकर बैठ गई। कुछ देर बाद वह पानी से भरे दलदल में गिर गई। शोर मचाने पर लोग वहां पहुंचे। महिला को दलदल से निकालने के लिए लंबा बांस उसकी ओर बढ़ाया लेकिन महिला उसे पकड़ नहीं पाई। धीरे-धीरे वह बांस से दूर होती गई और आखिरकार दलदल में डूब गई।
*एसडीईआरएफ की टीम ने 3 घंटे बाद महिला का शव दलदल से निकाला*
जिस जगह पर यह दलदल है, वहां से कॉलोनी के लिए बिजली की मेन लाइन गुजरी है। रेस्क्यू के दौरान पानी में करंट फैलने का खतरा था, इसलिए इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अंधेरा होने के कारण एक स्थानीय नागरिक की थार मंगवाई गई। इसकी हेडलाइट की रोशनी का सहारा लेकर एसडीईआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।
बिस्मिल नगर कॉलोनी जौरी ग्राम पंचायत की जमीन पर बसाई गई थी। 2015 में इलाका नगर निगम की सीमा में आ गया। कॉलोनी के बीच स्थित सरकारी जमीन को तत्कालीन नगर पालिका ने पार्क के रूप में विकसित करने के लिए अधिग्रहित करने की घोषणा की थी। हालांकि, पार्क नहीं बन सका और स्थानीय लोगों ने धीरे-धीरे उस जमीन पर कचरा-गोबर डालना शुरू कर दिया। बारिश का पानी भरने से यहां दलदल बन गया।
पुलिस ने कहा…
सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि मर्ग कायम कर शव को पीएम हाउस में रखवा दिया है। आसपास के थानों में मिसिंग रिपोर्ट मंगाकर मृतका की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
