बैतूल: जिले में ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने लोगों का इंसानियत पर भरोसा फिर से मजबूत कर दिया।यहां एक अनजान युवती ने बस स्टैंड पर छूटा रुपयों और जरूरी दस्तावेजों से भरा पर्स लौटाने के लिए यात्री बस का करीब पांच किलोमीटर तक पीछा किया और बस रुकवाकर उसे सही मालिक तक पहुंचाया। शुक्रवार की इस घटना का कल से सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, सारणी निवासी एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ शुक्रवार रात साकादेही जाने के लिए बैतूल बस स्टैंड पहुंची थीं। तीनों भोपाल मार्ग की बस का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान उनके पास एक लगभग 20 वर्षीय युवती भी बैठी थी, जो पाढर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। करीब आधे घंटे तक साथ इंतजार करने के दौरान उनके बीच सामान्य बातचीत भी हुई।
रात करीब सवा नौ बजे पांढुर्णा से इंदौर जाने वाली बस वहां पहुंची, जिसमें महिला और उनकी दोनों बेटियां सवार हो गईं। वहीं दूसरी युवती ने बस का इंतजार छोड़ अपने भाई को बाइक से बुला लिया। बस के रवाना होने के कुछ देर बाद, जब वह सोनाघाटी फॉरेस्ट बैरियर के पास पहुंची, तब एक बेटी को याद आया कि उसका पर्स बस स्टैंड पर ही छूट गया है।
पर्स में करीब सात हजार रुपये नकद, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज थे। ऐसे में महिला और उसकी बेटियों ने पर्स मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी, क्योंकि वह भीड़भाड़ वाले बस स्टैंड पर छूट गया था।
इसी बीच, एक बाइक सवार ने बस को ओवरटेक कर रुकवाया। बाइक से उतरी युवती सीधे बस के गेट पर पहुंची और कंडक्टर से साकादेही जाने वाली महिला और दो युवतियों के बारे में पूछा। उनकी पहचान होने पर उसने तुरंत पर्स उन्हें सौंप दिया। पर्स पाकर महिला और उसकी बेटियां भावुक हो गईं।
बताया जा रहा है कि यह वही युवती थी, जो बस स्टैंड पर उनके साथ बैठी थी। उसने पर्स मिलने के बाद अपने भाई के साथ बाइक से बस का पीछा किया और समय रहते उसे वापस कर दिया। खास बात यह रही कि दोनों पक्ष एक-दूसरे का नाम तक नहीं जानते थे।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
