ग्वालियर: हिंदू महासभा भवन दौलतगंज में आज क्रांतिकारियों के चित्रों का लोकार्पण जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर डासना के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि महाराज के मुख्य आतिथ्य में किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज ने की।विशिष्ट अतिथि के रूप में संत समाज के स्वामी नरेशानंद, स्वामी तेजानंद, यति अभयानंद, यति यतेंद्रनंद गिरि, हिंदू महासभा के प्रांतीय नेता रामबाबू सेन, संभागीय अध्यक्ष पवन गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष ब्रह्म दत्त शास्त्री, मीडिया प्रभारी योगेंद्र दीक्षित, जिला मंत्री आनंद माहौर, धर्मेंद्र बरेलिया, राहुल गुप्ता, रोहित जाटव मंचासीन थे।
संचालन देवेंद्र कुमार पाठक, अशोक कुमार शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि आसन से यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि हिन्दू महासभा के निजी भवन में गोडसे मंदिर से भाजपा ने मूर्ति हटाई, संत समाज ने आज महाआरती की ।3 लाख 32 हजार क्रांतिकारी, बलिदानियों, स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी के लिए संघर्ष किया। हजारों बलिदान ओर शहीद हो गए। भाजपा की सरकार ने गौडसे की मूर्ति को हटाकर जब्त किया उसकी में कटु शब्दों में निंदा करता हूं। गोडसे और नारायण आप्टे का चित्र हर घर में लगना चाहिए। उनके बलिदान को शत-शत नमन करता हूं।
उन्होंने कहा कि बेटियों का अपमान करने वाले आई ए एस संतोष वर्मा को सरकार बचा रही है। अभी तक उनसे अवार्ड वापस नहीं हुआ लिया गया। यूजीसी काला कानून से आज सकल हिंदू समाज को बांटने का प्रयास सरकार नहीं करें तुरंत यूजीसी काला कानून वापस लेना चाहिए और बेटियों का अपमान करने वाले संतोष वर्मा से अवार्ड वापस होना चाहिए। अन्यथा संत समाज सड़कों पर उतरने पर मजबूर होगा। ग्वालियर की गालब ऋषि की तपोभूमि से केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि भाजपा सनातन विरोधी नीतियों को तुरंत बंद करें।
अध्यक्षीय आसन्न से डॉक्टर जयवीर भारद्वाज ने कहा कि भितरवार के अंदर देवी देवताओं का अपमान करने वालों पर अभी तक कार्रवाई न होना सकल हिंदू सनातन धर्म प्रेमियों को अपमानित करना है। मध्य प्रदेश सरकार ने यदि 3 दिन के अंदर कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे मध्यप्रदेश से सनातनी प्रमुखों को बुलाकर बड़ा आंदोलन करने की योजना बनाई जाएगी। आज भारत माता,महामना मदन मोहन मालवीय जी, स्वामी श्रद्धानंद, शहीद भगत सिंह जी, शहीद चंद्रशेखर आजाद, गुरु तेग बहादुर के चित्रों का लोकार्पण किया। आभार रामबाबू सेन ने किया।
