जबलपुर: जैविक खेती कर रहे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने तथा नागरिकों को रसायनिक खाद और कीटनाशक मुक्त ताजी सब्जियां, फल-फूल और अनाज उपलब्ध कराने प्रत्येक रविवार को लगाये जा रहे जैविक हाट में लोगों का भरोसा बढ़ता जा रहा है। इस रविवार को भी कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित किये गये जैविक हाट में बड़ी संख्या में खरीदार पहुँचे और न केवल बढ़-चढ़कर खरीदारी की, बल्कि जैविक उत्पादों के प्रति भरोसा भी जताया।
जैविक हाट की शुरुआत से नियमित ग्राहक बनी आयना श्रीवास्तव ने कहा कि लोग अब कीटनाशकों और रासायनिक खादों से मुक्त ताजी सब्जियों और फलों को प्राथमिकता देने लगे हैं। जैविक हाट में अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ इंदिरा त्रिपाठी द्वारा हाट में आए कृषकों को जैविक प्रमाणीकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उप संचालक कृषि डॉ एस के निगम ने भी जैविक हाट पहुँचे। इस रविवार को लगाये गये जैविक हाट के सुव्यवस्थित संचालन का दायित्व का अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ इंदिरा त्रिपाठी ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंकज श्रीवास्तव एवं पाटन विकासखण्ड की संपूर्ण टीम के सफलतापूर्वक निर्वाह किया।
ग्राहक सीधे किसानों से खरीद रहे उत्पाद
जैविक उत्पादों के एक अन्य खरीदार विनय कुमार ने बताया कि जैविक हाट के उत्पाद बाजार के उत्पादों की तुलना में ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं। हर रविवार को जैविक हाट लगने का इंतजार करने वाले लक्ष्मी नारायण ने कहा कि ग्राहक सीधे किसानों से उत्पाद खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें उत्पाद की शुद्धता और उसकी खेती के तरीके पर अधिक विश्वास होता है। वहीं, विपिन झा ने बताया कि बिचौलियों के न होने से ग्राहकों को लगता है कि उनके पैसे का सही मूल्य सीधे मेहनत करने वाले किसान को मिल रहा है।
देशी गाय का शुद्ध दूध और घी रहा मुख्य आकर्षण
इस रविवार को लगे जैविक हाट में मौके पर ही निकाला गया गन्ने का ताजा रस और पारंपरिक छाछ, कच्ची घानी से तैयार सरसों, मूँगफली और अलसी का शुद्ध तेल, देशी गाय का शुद्ध दूध और घर का बना दानेदार घी मुख्य आकर्षण रहा। इसके अतिरिक्त सेहत के प्रति जागरूक लोगों के लिए रागी, बाजरा जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स), खेतों से सीधे लाई गई बिना केमिकल वाली हरी जैविक सब्जियां तथा जैविक तरीके से उत्पादित चावल, गेहूं, दालों ने भी लोगों को लुभाया।
