
शुजालपुर। शहर ने रविवार को एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी. वरिष्ठ चिकित्सक, समाजसेवी एवं अन्नपूर्णा सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम शास्त्री का 29 मार्च 2026 को निधन हो गया. उनके देहावसान का समाचार मिलते ही शुजालपुर सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम हो उठी. डॉ. शास्त्री केवल एक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और संस्कारों की सजीव प्रतिमूर्ति थे. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन कमजोर वर्ग को सस्ते व सुलभ रूप से उचार देने में व्यतित किया, डॉ. शास्त्री ने सनातन संस्कृति के संरक्षण, निस्वार्थ चिकित्सा सेवा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया. सप्तऋ षि भवन एवं अन्नपूर्णा सेवा समिति सहित अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी उनके समाज के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाती रही, उनकी सादगी, सहजता और मिलनसार व्यक्तित्व ने हर वर्ग के लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया. जरूरतमंदों के लिए उनका द्वार सदैव खुला रहता था और उनकी संवेदनशीलता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी. डॉ. पुरुषोत्तम शास्त्री की अंतिम यात्रा 30 मार्च को प्रात: 10 बजे उनके निज निवास, एमजी रोड, शुजालपुर मंडी से शांतिवन के लिए प्रस्थान करेगी, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.
