पुडुचेरी | पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर बड़ी बगावत देखने को मिली है। पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष ए.वी. सुब्रमण्यम ने शुक्रवार को अपने सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया। सुब्रमण्यम ने वर्तमान पीसीसी अध्यक्ष वी. वैथिलिंगम को भेजे अपने इस्तीफे में ‘निजी कारणों’ और ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह इस्तीफा पार्टी द्वारा आगामी चुनाव के लिए 16 उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी करने के तुरंत बाद आया है, जिससे टिकट वितरण को लेकर उनकी नाराजगी स्पष्ट रूप से उजागर हो रही है।
कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के बीच हुए समझौते के तहत कांग्रेस केंद्र शासित प्रदेश की 30 में से 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि बाकी 14 सीटें डीएमके और सहयोगियों के लिए छोड़ी गई हैं। पार्टी की नई सूची के अनुसार, वी. वैथिलिंगम थट्टानचावडी से, एम. वैद्यनाथन लॉस्पेट से और एम. कंडासामी एम्बलम से चुनावी मैदान में उतरेंगे। इनके अलावा, नेदुंगडु से दिनेश कुमार और माहे से रमेश परमपथ को उम्मीदवार बनाया गया है। सुब्रमण्यम के इस्तीफे ने पार्टी के इस चुनावी समीकरण को प्रभावित किया है, क्योंकि वे संगठन में एक मजबूत पकड़ रखते थे।
चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार, पुडुचेरी की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है और 4 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। गठबंधन की रणनीति के तहत डीएमके अपनी 14 सीटों में से अन्य छोटे दलों को हिस्सा देगी। हालांकि, तमिलनाडु की तर्ज पर यहां भी कांग्रेस कम सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिससे स्थानीय नेताओं में पहले से ही असंतोष था। ए.वी. सुब्रमण्यम का जाना कांग्रेस के लिए एक बड़ी रणनीतिक क्षति मानी जा रही है, जो चुनाव प्रचार के चरम पर पार्टी की एकजुटता के दावों पर सवालिया निशान लगाता है।

