
विजय शर्मा भोपाल। नगर निगम में टैक्स वसूली के लिए विशेष अभियान चलाये जा रहे हैं, जिंसके तहत जोन प्रभारी और वार्ड प्रभारी सहित अन्य कर्मचारियों को घर घर जाकर संपत्तिकर कर सहित अन्य करों की वसूली की जाना है. जिसके लिए निगमायुक्त के विशेष आादेश हैं कि 31 मार्च तक सभी अवकाश निरस्त रहेंगे. सिर्फ टैक्स की वूसली की जाना है. और वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2025-26 के संपत्तिकर के लिए 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है. लेकिन निगमायुक्त के आदेश का असर जोन आठ में दिखाई नहीं दे रहा है. यह कार्यालय शिवाजी नगर के 6 नंबर बस स्टाप के पास मार्केट में स्थित है. जब नवभारत संवाददाता उक्त जोन कार्यालय में शुक्रवार को शाम लगभग चार बजे पहुंचे तो यहां का कार्यालय तो खुला मिला, लेकिन कर्मचारी नदारद मिले. वहां पर पंखे कूलर तो चल रहे थे, बस कमी थी तो कर्मचारियों की. अगर यही स्थिति जोन कार्यालयों में रही तो फिर संपत्तिकर की वसूली कैसे होगी.
पूरे कार्यालय में देखा नहीं मिला कोई
जोन कार्यालय के सबसे पहले इंजीनियर सेक्शन के अंदर चारों केबिन में जाकर देखा, वहां पर कूलर पंखे चल रहे थे. कुर्सी खाली पड़ी थीं. आवाज लगाने पर भी किसी ने नहीं सुना. उसके बाद फिर जोन प्रभारी वाले केबिन की तरफ घुसकर देखा तो प्रभारी का केबिन बंद था और हाल में कुर्सियां खाली थीं. वहां पर करीबन 10 मिनट तक इंतजार किया कोई दिखे आए. इस बीच एक व्यक्ति या उसने नाम तो नहीं बताया वहं जरुर आया, उससे कर्मचारियों के बारे पूछा तो वह कुछ नहीं बोला बस यह उसने जरुर पूछा कि आपको क्या काम है. उसके बाद वह भी कार्यालय से बाहर आकर नीचे मार्केट में आ गया. उसके बाद वहां पर कोई भी कर्मचारी नहीं मिला.
जब कर्मचारी नहीं होंगे तो जानकारी देगा कौन
कार्यालय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से टैक्स वसूली पर भी असर पड़ेगा. उसका कारण है कि जब कोई टैक्स पेयर संपत्तिकर की जानकारी लेने कार्यालय में आएगा तो उसके जानकारी देगा कौन. जानकारी के अभाव से टैक्स भी जमा नहीं कर पाएगा. इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा. क्योंकि अगले महिने से यही संपत्तिकर सौ प्रतिशत अधिभार के साथ दोगुना हो जाएगा.
सभी टैक्सों को मिलाकर पांच सौ करोड़ का लक्ष्य
नगर निगम में इस बार सभी टैक्सों को मिला कर लगभग 475 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है. जिसके लिए सभी वार्ड और जोन प्रभारियों को अवकाश के दिनों में भी अपने कार्यालयां को 31 मार्च तक खोलना आवश्यक है. जिससे कर्मचारी घर घर जाकर और कार्यालय पर अधिक से अधिक टैक्स की वसूली कर लक्ष्य की पूर्ति करने में सहायक हों.
इनका कहना है
मैं थोड़ी देर पहले ही अपने कार्यालय से वार्ड कार्यालय पहुंचा हूं, टैक्स की वसूली चल रही है. वहां पर कर्मचारी हैं. एैसा हो ही नहीं सकता की कर्मचारी वहां पर ना हो.
अमित नारोलिया, प्रभारी जोन 8, नगर निगम भोपाल
