काठमांडू, 27 मार्च (वार्ता) नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में श्री बालेन्द्र शाह को प्रधानमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
श्री शाह ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 12 बज कर 34 मिनट पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस बार शपथ ग्रहण समारोह काफी अलग और विशेष दिखाई दिया। शपथ ग्रहण के दौरान सात शंख फूंके गए। इसी तरह, 108 लोगों (बटुकों) ने स्वस्ति शांति का पाठ किया, और 16 बौद्ध भिक्षुओं ने अष्टमंगल का पाठ किया।
35 वर्षीय बालेन्द्र “बालेन” शाह के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद नेपाल में एक नया राजनीतिक युग शुरू हो गया है। श्री शाह देश के अब तक के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गये हैं।
रैपर और स्ट्रक्चरल इंजीनियर से काठमांडू के मेयर तक की उनकी यात्रा नेपाली राजनीति में बदलाव की व्यापक इच्छा को रेखांकित करती है।
शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सहित शीर्ष गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत उन्हें प्रधानमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इससे पहले गुरुवार को शाह ने प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में भी गोपनीयता की शपथ ली थी। वर्ष 2022 में स्ट्रक्चरल इंजीनियर से अंडरग्राउंड रैपर बने श्री शाह ने काठमांडू के मेयर पद की दौड़ में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में “चलने वाली छड़ी” के प्रतीक पर चुनाव लड़कर सुर्खियां बटोरी थीं।
उन्होंने 61,767 वोट प्राप्त कर नेपाली कांग्रेस की सुश्री सिरजना सिंह और पूर्व मेयर केशव स्थापित (सीपीएन-यूएमएल) सहित कई अनुभवी राजनेताओं को हराया था।
काठमांडू के मेयर से मात्र चार वर्षों में राष्ट्रीय नेता बनने तक की शाह की उड़ान नेपाली राजनीति में नाटकीय बदलाव को दर्शाती है। अपने काले आयताकार चश्मे और भ्रष्टाचार व सामाजिक अन्याय के खिलाफ अपनी रैप गीतों के लिए प्रसिद्ध शाह ने बदलाव चाहने वाले मतदाताओं की भावना को छू लिया है।
इस महीने की शुरुआत में हुए चुनावों के बाद गुरुवार को नेपाल की नई संसद का पहला सत्र बुलाया गया, जिसमें नवनिर्वाचित सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। सितंबर 2025 में जेन-जेड विरोध प्रदर्शनों के बाद पिछली संसद भंग कर दी गई थी। पांच मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में श्री शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 182 सीटें हासिल कीं, जबकि नेपाली कांग्रेस को 38 और सीपीएन-यूएमएल को 25 सीटें मिलीं। समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत आरएसपी को 57 सीटें मिलीं, जबकि शेष 53 सीटें अन्य दलों ने भरीं।
फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली के तहत आरएसपी ने 125 सीटें जीतीं, जिससे शाह की निर्णायक जीत सुनिश्चित हुई। कार्यभार संभालने से पहले श्री शाह ने नेपाल के भविष्य पर अपनी दृष्टि को प्रतिबिंबित करने वाला एक गाना जारी किया। यह ट्रैक कुछ घंटों में दो मिलियन से अधिक बार देखा गया। यह गाना एकता और आशावाद की अपील करता है, जो बदलाव के लिए उत्सुक जनता के साथ गूंजता है।
श्री शाह का जन्म 1990 में काठमांडू के नरदेवी में हुआ था और वे अपने माता-पिता के सबसे छोटे पुत्र हैं। उनके पिता आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं और मां घर पर परिवार की देखभाल करती रहीं। श्री शाह विवाहित हैं और अपनी पत्नी तथा एक बेटी के साथ रहते हैं।
