जबलपुर: मदनमहल थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा विश्वास करके दुकान किराए पर देना भारी पड़ गया। किराएदारों ने न केवल महिला के फर्जी हस्ताक्षर किए, बल्कि बिजली विभाग में दस्तावेजों में हेरफेर कर दुकान का मालिकाना हक हासिल करने का षड्यंत्र रचा। मामले में लंबी जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, छोटी उखरी यादव कॉलोनी निवासी श्रीमती कंचन पटेल ने अगस्त 2023 में कमला नेहरू वार्ड स्थित वेजिटेबल मार्केट में एक दुकान जेडीए (स्कीम नं. 11) करीब 31 लाख रुपये में खरीदी थी। इस दुकान के लिए उन्होंने बैंक से लोन लिया और अपने जेवर तक बेच दिए थे। बैंक की 32,817 रुपये की मासिक किस्त चुकाने के लिए उन्होंने 10 सितंबर 2025 को यह दुकान शिखा शर्मा, के.के. शर्मा और पलाश दुबे को 18,000 रुपये मासिक किराए पर दी थी।
बिजली मीटर के बहाने रचा मालिक बनने का खेल-
शिकायत के मुताबिक, किराएदारों ने बहाना बनाया कि दुकान के बिजली मीटर की क्षमता 6 किलोवाट से घटाकर 3 किलोवाट करवानी है। इस बहाने उन्होंने पीडि़ता का विश्वास जीतकर उनकी फोटो प्राप्त कर ली। आरोपियों ने कंचन पटेल के फर्जी हस्ताक्षर कर बिजली विभाग में आवेदन जमा कर दिया और उसमें अपना मोबाइल नंबर डाल दिया। आरोपियों का असल मकसद दस्तावेजों में हेराफेरी कर खुद को दुकान का मालिक दर्शाना और भविष्य में संपत्ति पर अवैध कब्जा जमाना था।
दिसंबर 2025 में जब कंचन पटेल को इस आपराधिक साजिश की भनक लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तत्काल मदनमहल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि आरोपी शिखा शर्मा और उनके साथियों ने सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं। इसके बाद अब पुलिस ने रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।
