राजगढ़: जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. मंगलवार को तीन विभागों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और 2 अन्य का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश जारी किए. इस कार्रवाई की जद में पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और तीन कंप्यूटर ऑपरेटर आए हैं.
पंचायत कार्यों में वित्तीय अनियमितता पर गिरी गाज
जनपद पंचायत खिलचीपुर की ग्राम पंचायत हालाहेडी के सचिव लखन सिंह खींची को पंचायत कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितता के चलते निलंबित कर दिया गया है. जांच में पाया गया कि सचिव ने सरपंच पुत्र की फर्जी फर्म ‘श्री बालाजी ट्रेडर्स’ को वेंडर बनाकर नियम विरुद्ध राशि का आहरण किया था. इसी तरह, ग्राम पंचायत हिनोती में पदस्थ रोजगार सहायक देवेंद्र शर्मा को प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्र को लाभ देने और राशि में हेराफेरी करने के पुराने मामले में दोषी पाते हुए निलंबित कर राजगढ़ जनपद मुख्यालय अटैच कर दिया गया है.
फसल पंजीयन और जनसुनवाई में लापरवाही पर एक्शन
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी हेतु किसानों के पंजीयन कार्य में लापरवाही बरतने पर सहकारिता विभाग ने भी डंडा चलाया है. तलेन केंद्र के जितेंद्र यादव, हराना केंद्र के मनोहरलाल पुष्पद और पड़निया केंद्र के हेमंत दांगी (तीनों कंप्यूटर ऑपरेटर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
कलेक्टर ने ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम के दौरान आमजन की शिकायतों पर भी कड़ा संज्ञान लिया. वार्ड क्रमांक 15 ब्यावरा में समग्र आईडी अपडेट न करने पर ऑपरेटर चंद्र प्रकाश वर्मा का 7 दिन का वेतन काटने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए. वहीं, जीरापुर में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को भी आईडी सुधार में देरी पर फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया गया है.
पारदर्शिता सर्वोपरि: प्रशासन की चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पीएम आवास, समग्र आईडी और फसल पंजीयन जैसे सीधे हितग्राही लाभ वाले कार्यों में किसी भी स्तर पर पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा. कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिकायतों का निराकरण समय सीमा में हो, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी
