निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने पर रोक लगायी गयी: आप

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (वार्ता) आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली सरकार ने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने पर रोक लगा दी है ताकि गरीब लोग निजी स्कूल और अस्पतालों में मिलने वाले 10 फीसदी आरक्षण का लाभ न ले सकें और ना ही इसके जरिए सरकारी नौकरी पा सकें।

पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने पर रोक का यह फैसला निजी स्कूलों और अस्पतालों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है। अगर ईडब्ल्यूए सर्टिफिकेट बनाने की प्रक्रिया में कोई खामी है तो सरकार उसे ठीक करे।

श्री भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद से रोज ऐसे निर्णय सामने आ रहे हैं, जिनसे यह यकीन होने लगा है कि भाजपा ने दिल्ली की सत्ता ऐसे लोगों के हाथों में सौंप दी है, जिन्हें सरकार और प्रशासन चलाने का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने ओटीटी सीरीज “पंचायत” का संदर्भ देते हुए कहा कि फुलेरा की पंचायत भी इस तरह के काम नहीं कर रही, जिस तरह दिल्ली की सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को आदेश दिया है कि दिल्ली में अब ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र नहीं बनेंगे।

उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय, आईपी विश्वविद्यालय समेत तमाम कॉलेजों में दाखिले का दौर शुरू हो गया है। बच्चे फॉर्म भर रहे हैं। ईडब्ल्यूएस के लिए 10 फीसदी कोटा निर्धारित है। अगर सरकार ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट ही बनाना बंद कर देगी तो 10 फीसदी कोटा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को कैसे मिलेगा? अस्पतालों में 10 फीसदी बेड ईडब्ल्यूएस मरीजों के लिए आरक्षित हैं। साथ ही 25 फीसदी ओपीडी और 10 फीसदी आईपीडी सेवाएं ईडब्ल्यूएस मरीजों के लिए मुफ्त हैं।

आप नेता ने सवाल किया कि अगर ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट ही नहीं बनेगा तो कोई कैसे प्रमाणित करेगा कि वह गरीब हैं, उसकी वार्षिक आय क्या है। अब अगर कोई व्यक्ति बीमार है, तो बिना सर्टिफिकेट के उसका ईडब्ल्यूएस बेड पर दाखिला कैसे होगा।

श्री भारद्वाज ने कहा कि सरकार का यह फैसला निजी स्कूलों और अस्पतालों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है। जब ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट ही नहीं बनेगा, तो गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त सीट नहीं ले पाएंगे। प्राइवेट अस्पतालों को भी फायदा होगा, क्योंकि ईडब्ल्यूएस बेड पर कोई गरीब मुफ्त इलाज नहीं करा पाएगा। यह खुलेआम प्राइवेट स्कूलों और अस्पतालों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। आम आदमी पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती हैं।

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