भोपाल। गोंदरमऊ जिनालय में भगवान विराजमान प्रतिष्ठा का एक वर्ष पूर्ण होने पर मूलनायक भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी का भव्य महामस्तकाभिषेक आयोजित किया गया। इस दौरान पूरा जिनालय परिसर जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया।
यह धार्मिक अनुष्ठान आचार्य विद्या समय सागर महाराज के शिष्य निर्यापक मुनि संभव सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ संपन्न हुआ। प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि मुख्य अभिषेक करने का सौभाग्य मूलचंद हरकचंद प्रवीण जैन परिवार और डॉ. अंकुश जैन को मिला, जबकि शांतिधारा विपिन जैन व साकेत जैन परिवार द्वारा की गई।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने प्रतिमाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत वह पावन देश है, जहां चारों ओर प्राचीन प्रतिमाएं और जिनालय विराजमान हैं। कार्यक्रम का समापन भव्य महाआरती और विशेष जाप अनुष्ठान के साथ हुआ।
