लंदन, 24 मार्च (वार्ता) पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष के बीच ब्रिटेन अब ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए खाड़ी देशों में कम दूरी वाली हवाई रक्षा प्रणालियाँ तैनात कर रहा है। ‘द गार्डियन’ के अनुसार, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक संसदीय समिति के संबोधन के दौरान कहा कि ब्रिटेन हवाई रक्षा को तेजी से मजबूत करने के लिए कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा, “हम बहरीन में कम दूरी वाली हवाई रक्षा प्रणालियाँ तेजी से तैनात कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इसी तरह की तैनाती कुवैत और सऊदी अरब में भी की जा रही है।
ब्रिटेन खाड़ी देशों के भागीदारों को इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति करने के लिए रक्षा निर्माताओं के साथ भी काम कर रहा है और समन्वय एवं प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने के लिए पूरे क्षेत्र में विशेषज्ञ कर्मियों को तैनात किया है। ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हीली ने संसद को बताया कि ब्रिटेन कुवैत में अपना ‘रैपिड सेंट्री’ एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात करेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली इस क्षेत्र में ड्रोन को मार गिराने में ब्रिटिश बलों के लिए पहले से ही अत्यधिक प्रभावी साबित हुई है।
इस तैनाती के साथ, ब्रिटेन ने साइप्रस की मदद करने के लिए पूर्वी भूमध्य सागर में रॉयल नेवी का विध्वंसक ‘आईएनएस ड्रैगन’ (एचएमएस ड्रैगन) भी भेजा है। हालांकि साइप्रस में पहले से ही लगभग 500 अतिरिक्त हवाई रक्षा कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ब्रिटेन की ओर से यह कदम 28 फरवरी को अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शत्रुता शुरू होने के बाद अपने एक्रोटिरी बेस पर ड्रोन हमले के दौरान ब्रिटेन की कार्रवाई की आलोचना के बाद उठाया गया है। गौरतलब है कि ब्रिटिश पायलटों ने हाल के हफ्तों में लगभग 900 घंटे की उड़ान भरी है, जो साइप्रस, जॉर्डन, बहरीन, कतर और यूएई सहित कई देशों में रक्षात्मक अभियानों का समर्थन कर रहे हैं।

