
( मुकेश कौशिक) खुरई। जहां व्यक्ति जीते जी अपने हक की सहायता राशि प्राप्त नहीं कर पाया है, वहीं मरे हुए व्यक्ति के नाम से चेक जारी कर दिया जाता है, ऐसा ही चकित करने वाला कार्य खुरई जनपद पंचायत कार्यालय से हुआ है जो जिंदा है हकदार हैं उसके नाम से चेक नहीं है, मगर 24 वर्ष पहले परलोक सिधार चुके उसके पिता के नाम से 3 हजार रुपया का चेक जारी है, जिसे लेकर उसका पुत्र यहां से वहां भटक रहा है। जानकारी के अनुसार ग्राम ढिकुआ निवासी हरचरण विश्वकर्मा, 90% दृष्टिहीनता के कारण दिव्यांग योजना के पात्र हैं। उन्होंने शासन की सहायता राशि के लिए आवेदन किया, नाम सूची में सम्मिलित हुआ। योजना के अंतर्गत 3 हजार रुपए का चेक जारी हुआ, लेकिन मृत पिता खुमान विश्वकर्मा के नाम पर। यह चेक जनपद पंचायत खुरई कार्यालय से 25 फरवरी 2025 को जारी हुआ था। उनका बेटा हरचरण चेक सुधार के लिए जनपद कार्यालय और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहा है। लेकिन नतीजा सिफर है। बीना विधायक और सचिव एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, समाधान नहीं हुआ। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता का गंभीर उदाहरण है।
