भोपाल: नगर निगम परिषद की बैठक सोमवार को आईएसबीटी स्थित सभागार में हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच आयोजित हुई, जहां महापौर मालती राय ने आगामी वर्ष का 3938 करोड़ 45 लाख रुपए का बजट पेश किया. बैठक निर्धारित समय से करीब आधा घंटा देरी से शुरू हुई और शुरुआत से ही विपक्ष के विरोध के चलते माहौल गरम रहा.बैठक की शुरुआत में ही गौमांस के मुद्दे पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया. नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और जिम्मेदारों पर एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई. इस दौरान महापौर और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई.
हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षदों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव परिषद से सरकार को भेजने की मांग भी उठाई. वहीं भाजपा पार्षदों ने भी इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया. महापौर मालती राय ने इस प्रकरण से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह मामला उनके कार्यकाल से पहले का है.बैठक में लेगेसी वेस्ट के 54 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ. कई पार्षदों ने प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए दोबारा टेंडर कराने की मांग की, जबकि कुछ ने इसका विरोध किया. इस मुद्दे पर परिषद में सहमति नहीं बन सकी और निगम प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया. इसके साथ ही 25 कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी गरमाया रहा. एमआईसी और पार्षदों ने अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए, जबकि सत्ता पक्ष के भीतर भी इस पर मतभेद देखने को मिले.
महापौर द्वारा पेश किए गए बजट में शहर के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है. बजट में अमृत-2 योजना के तहत जल आपूर्ति व्यवस्था के विस्तार, सड़कों के निर्माण, नए पार्कों के विकास, सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना और फिल्टर प्लांट के उन्नयन जैसे कार्य शामिल हैं. ट्रांसपोर्ट कारोबार को कोकता में शिफ्ट करने, नई पार्किंग विकसित करने और शहर को सुव्यवस्थित करने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं.
बजट में जनसुविधाओं और सामाजिक योजनाओं पर भी खास ध्यान दिया गया है. प्रत्येक वार्ड को 50 लाख रुपए की राशि दी जाएगी, जिससे पार्षद अपने क्षेत्र में विकास कार्य करा सकेंगे. झील महोत्सव के आयोजन, महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना, म्यूजियम निर्माण, कुलियों के लिए आवास, विसर्जन घाट और छठ घाट निर्माण जैसी योजनाओं के लिए भी राशि निर्धारित की गई है. इसके अलावा मेधावी छात्रों को 15 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि, कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और सफाई मित्रों के लिए सुविधाओं का प्रावधान किया गया है.
हालांकि बजट में आय और व्यय को संतुलित रखा गया है, लेकिन सुरक्षा निधि के रूप में 138 करोड़ 89 लाख रुपए अलग रखने के कारण इतनी ही राशि का संभावित घाटा भी सामने आया है. कुल मिलाकर बैठक में बजट के साथ-साथ कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस और हंगामे के बीच नगर निगम की आगामी योजनाओं की रूपरेखा तय की गई
