(प्रियंका सिंह)
छतरपुर। शहर का बस स्टैंड इन दिनों बदहाल स्थिति में है। यहां से रोजाना सैकड़ों बसें अलग-अलग राज्यों और शहरों के लिए रवाना होती हैं, लेकिन अव्यवस्था का आलम यह है कि यात्री भारी परेशानी झेल रहे हैं।
बस स्टैंड के अंदर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। न पार्किंग की व्यवस्था है, न बसों के समय पर आने-जाने का कोई नियंत्रण है। अस्थायी दुकानों और अतिक्रमण ने यात्रियों के रास्ते तक घेर लिए हैं।
गेट नंबर 2 पर 1998 में बना प्रतीक्षालय अब खंडहर बन चुका है। टूटी दीवारें और वीरान कमरों में जाले लटक रहे हैं। सामने अव्यवस्थित तरीके से खड़ी बसों ने इसे पहचान से ही मिटा दिया है।
स्थानीय दुकानदार कैलाश का कहना है कि वाहन चालक जहां-तहां बाइक और चारपहिया खड़ी कर देते हैं, जिससे जाम लगना आम बात है। कई दुकानदारों ने अपने सामने टीनशेड बढ़ाकर सड़क तक कब्जा कर लिया है, जिससे यातायात और बाधित हो रहा है।
