छतरपुर: सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक सुनियोजित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए हो रही धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार किया है। पन्ना रोड स्थित हेलीपैड ग्राउंड पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी और एक आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
‘डिजिटल किट’ के साथ पकड़ा गया आरोपी
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 2 लैपटॉप, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, 4 एटीएम किट, कई सिम कार्ड और खातों का रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि इन खातों का उपयोग देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 2 लाख रुपये आंकी गई है।
नेटवर्क में 5 चेहरे, एक ही खेल
पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने खुद को प्रकाश चंद्र विश्वकर्मा बताया, जो कियोस्क के जरिए फर्जी खाते खोलकर एटीएम किट उपलब्ध कराता था। इस नेटवर्क में सलमान राइन, प्रथम चौरसिया, ऋषि चौरसिया और सुरेश प्रजापति भी सक्रिय भूमिका में सामने आए हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
फरार साथियों की तलाश तेज
कार्रवाई के बाद पुलिस ने जांच का दायर बढ़ा दिया है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के निर्देशन में थाना प्रभारी सतीश सिंह और उनकी टीम द्वारा अंजाम दी गई।
