जबलपुर: रेलवे स्टेशन पर इन दिनों पार्किंग स्टैंड चलाने वाले कर्मियों द्वारा जमकर अवैध वसूली की जा रहीं है। बात करे अगर प्लेटफॉर्म क्र. छह पर बने ड्रॉप एंड गो की तो यहां छह मिनट वाले नियम की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसके चलते यात्रियों को छोड़ने आने वाले आम लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। नवभारत द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया की प्लेटफार्म नंबर छह की ओर बने ड्रॉप एंड गो में वाहन स्टैंड संचालक मनमानी कर रहे हैं। ड्रॉप एंड गो लेन में भी चारपहिया वाहनों से 20 रुपए वसूले जा रहे हैं। इस कारण यहां रोज विवाद हो रहा है। वही इस ओर रेल मंडल के अफसरों का ध्यान नहीं हैं। बता दे कि स्टैंड का ठेका एक निजी कंपनी को वर्ष 2025 में 3 सालों के लिए दिया गया है।
छह मिनट का नियम दरकिनार
रेलवे स्टेशन पर वाहन पार्किंग के ठेके से जुड़े नियम होने के बाद भी वाहन मालिकों से खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। सबसे ज्यादा लूट प्लेटफार्म नंबर छह के बाहर बनाई गई पार्किंग पर है। यहां चार पहिया वाहन किसी को ड्रॉप करने के लिए रेलवे स्टेशन पर प्रवेश करते है, तो कर्मचारी वाहन रोक लेते हैं। उसे एक पर्ची थमा दी जाती है। फिर कर्मचारी रुपए मांगने लगते हैं। तर्क दिया जाता है कि दो मिनट से अधिक समय हो गया, इसलिए रुपए देने पड़ेंगे। जबकि रेलवे द्वारा समय को दो मिनट से बढ़ाकर छह मिनट कर दिया गया था। जिसका बोर्ड भी ड्रॉप एंड गो में मौजूद है। बाबजूद इसके अवैध वसूली की जा रही है। बता दे कि रुपए नहीं मिलने पर वाहनो को बाहर नहीं जाने दिया जाता है। किसी को लेने पहुंचने वालों से भी इसी तरह वसूली की जाती है।
तय हैं शुल्क
रेलवे द्वारा 12 रुपए का शुल्क दो पहिया वाहनों के लिए तय किया गया है। लेकिन पार्किंग स्टैंड में तैनात कर्मचारी मनमाना वसूली करते हैं। वहीं जब कर्मचारियों से अधिक पैसा वसूलने के बारे में पूछा जाता है तो यह पार्किंग स्टैंड कर्मी लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।
