भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में हाल के समय में हो रहे औचक निरीक्षणों और उसके बाद की जा रही प्रशासनिक कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सशक्त नेतृत्व नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रमाण बताया है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिस तरह से लगातार कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों को हटाया जा रहा है, वह इस बात का संकेत है कि सरकार प्रशासन पर नियंत्रण बनाए रखने में असफल हो रही है। उनके अनुसार, इन कार्रवाइयों को सख्त शासन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि वास्तव में यह गहरी प्रशासनिक कमियों को छिपाने का प्रयास है।
पटवारी ने अशोकनगर, शाजापुर, सीधी और गुना सहित कई जिलों के उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अधिकारियों को कदाचार, लापरवाही, भ्रष्टाचार और जन आक्रोश जैसी स्थितियों के बाद हटाया गया। उन्होंने देवास और रतलाम में हुई कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे प्रदेश में एक पैटर्न के रूप में सामने आ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अधिकारियों को कार्यसंस्कृति और समयबद्धता की सीख देना इस बात को दर्शाता है कि वर्षों में प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी। भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अब बिना रिश्वत दिए सरकारी सेवाएं प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है।
औचक निरीक्षणों को “सिर्फ राजनीतिक इवेंट मैनेजमेंट” करार देते हुए पटवारी ने हाल के सभी तबादलों और निलंबनों की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने, भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस और दीर्घकालिक नीति बनाने तथा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
