छतरपुर: छतरपुर, टीकमगढ़ और उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की सीमा पर बहने वाली धसान नदी के खकोरा घाट पर रेत माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यूपी और एमपी के खनिज विभागों की इस घेराबंदी से माफियाओं में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान रेत चोरी के लिए इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम लिफ्टर और मशीनें जब्त की गई हैं।
झांसी की टीम ने डाला छापा, छतरपुर में फंसे माफिया
मामला तब शुरू हुआ जब झांसी (UP) की खनिज टीम ने धसान नदी के खकोरा घाट पर अचानक दबिश दी। पुलिस को देखते ही माफियाओं में भगदड़ मच गई। अपनी कीमती लिफ्टर मशीनों को बचाने के लिए माफिया उन्हें लेकर टीकमगढ़ होते हुए छतरपुर की सीमा में घुस गए। लेकिन छतरपुर खनिज विभाग पहले से ही सतर्क था।
खनिज अधिकारी अमित मिश्रा की बड़ी कार्रवाई
छतरपुर खनिज अधिकारी अमित मिश्रा को जैसे ही माफियाओं के अपनी सीमा में घुसने की सूचना मिली, उन्होंने टीम के साथ घेराबंदी कर दी। छतरपुर की सीमा में घुसे 3 लिफ्टर और मशीनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। इन सभी मशीनों को सुरक्षित रूप से अलीपुरा थाने में रखवा दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
फरवरी से बंद थी अनुमति, फिर भी सीना चीर रहे थे माफिया
खनिज अधिकारी अमित मिश्रा ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि टीकमगढ़ जिले में संबंधित रेत कंपनी द्वारा किस्त जमा न करने के कारण फरवरी माह से ईटीपी (खनन अनुमति) बंद है। इसके बावजूद माफिया धसान नदी का सीना चीरकर अवैध उत्खनन कर रहे थे। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद अब इस सिंडिकेट पर बड़ी चोट की गई है।
