वाजपेयी पर छपी पुस्तक है एक महान नेता के जीवन का उत्सव : राधाकृष्णन

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (वार्ता) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर लिखी एक पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा है कि यह पुस्तक एक महान नेता की विरासत और उनके जीवन का उत्सव है जो सबको प्रेरित करती है।

श्री राधाकृष्णन ने शनिवार को यहां डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में पूर्व प्रधानमंत्री पर कॉफी टेबल बुक ‘अटल बिहारी वाजपेयी : शाश्वत राजनेता’ का विमोचन करते हुए कहा कि पुस्तक का प्रकाशन देश के महान नेता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन मात्र तस्वीरों का संग्रह नहीं बल्कि एक विरासत और एक महान राजनेता के जीवन का उत्सव है जो सबको प्रेरित करती है। पुस्तक गांधी स्मृति और दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने लिखी है।

उपराष्ट्रपति ने श्री वाजपेयी के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि श्री वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान उन्हें 12वीं और 13वीं लोकसभा सदस्य के रूप में सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। उन्होंने 1974 में कोयंबटूर में श्री वाजपेयी द्वारा संबोधित एक जनसभा के आयोजन की यादें साझा करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन के प्रारंभिक वर्षों में अत्यंत प्रेरणादायक था। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सांसद से प्रधानमंत्री तक का उनका सफर भारतीय लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक है। तीव्र राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के दौर में भी उन्होंने अपनी सत्यनिष्ठा, समावेशी दृष्टिकोण और गरिमामय आचरण के लिए सभी दलों का सम्मान अर्जित किया।

श्री राधाकृष्णन ने श्री वाजपेयी के नेतृत्व की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उनके पोखरण परमाणु परीक्षणों और दिल्ली मेट्रो जैसी दूरदर्शी अवसंरचना पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्री वाजपेयी ने संवाद, लोकतंत्र और विकास को निरंतर मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में अपनाया और सिद्ध किया कि शक्ति और संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकती हैं। श्री वाजपेयी को कवि, दूरदर्शी और उत्कृष्ट सांसद बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके भाषणों ने संसद और राष्ट्र दोनों को समान रूप से प्रभावित किया, और उनमें असहमति व्यक्त करने की दुर्लभ क्षमता थी।

उपराष्ट्रपति ने कॉफी टेबल बुक के संकलन के लिए श्री गोयल की सराहना करते हुए कहा कि यह कृति दुर्लभ तस्वीरों, व्यक्तिगत किस्सों और अभिलेखीय सामग्री के माध्यम से इतिहास को जीवंत स्मृति के रूप में संरक्षित करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुस्तक देश भर के घरों और संस्थानों तक पहुंचेगी, विशेष रूप से युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता, लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव के आदर्शों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगी।

इस मौके पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीष कुमार घोष, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी सहित कई प्रमुख लोग मौजूद थे।

 

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