नयी दिल्ली 21 फरवरी (वार्ता) सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा से लगते सुंदरबनी सेक्टर में शनिवार को स्थिति का जायजा लिया और आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को विफल करने बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद करने के लिए सैनिकों की त्वरित और सटीक कार्रवाई की सराहना की है। लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने सेना की इस सफल कार्रवाई के बाद इस क्षेत्र का दौरा किया तथा स्थिति की व्यापक समीक्षा की।
सेना ने यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन ज्वाला’ के अंतर्गत की। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि सेना कमांडर का यह दौरा ‘ऑपरेशन ज्वाला’ की सफलता के बाद हुआ। इसमें घुसपैठ की कोशिश को विफल करने के साथ-साथ हथियार तथा गोला-बारूद बरामद किए गए।
सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा गया है, “सेना कमांडर ने सैनिकों की त्वरित और सटीक कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को आतंक-मुक्त बनाने के प्रति उनके पेशेवर रवैये, प्रतिबद्धता और अडिग संकल्प की भी प्रशंसा की।”
इससे पहले व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर कहा था कि 19 फरवरी की तड़के सुंदरबनी के नाथुआ टिब्बा में नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया गया। इसके बाद व्हाइट नाइट कोर के अधीन ‘क्रॉस्ड स्वॉर्ड्स डिवीजन’ के सैनिकों ने क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।”
पोस्ट में कहा गया, “भारी मात्रा में खून के निशान पाए गए, जिससे आतंकवादी(यों) के गंभीर रूप से घायल होने के संकेत मिलते हैं।” साथ ही बताया गया कि वहां से एक एके-47 राइफल, दो मैगजीन और गोला-बारूद, तीन रक्सैक, कंबल, राशन और कपड़े सहित युद्ध-सामग्री बरामद की गई। यह भी कहा गया कि क्षेत्र में सघन निगरानी और सख्त नियंत्रण के साथ अभियान जारी है।
उल्लेखनीय है कि लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने हाल ही में उत्तर कश्मीर का भी दौरा कर एलओसी पर घुसपैठ-रोधी ग्रिड और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की थी। सेना कमांडर ने सैनिकों से बातचीत की और उनकी दृढ़ता, अदम्य साहस तथा कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण की सराहना की।
उन्होंने सभी रैंकों को अपने पेशेवर कौशल को निरंतर निखारने और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे हर स्थिति में सक्षम और राष्ट्र की रक्षा के लिए मिशन-तत्पर बने रहें।
उन्होंने सियाचिन ब्रिगेड का भी दौरा कर युद्धक क्षमता और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। सेना कमांडर ने सियाचिन स्की नोड का निरीक्षण किया, प्रशिक्षण अवसंरचना और स्कीइंग क्षमताओं का मूल्यांकन किया तथा अत्यंत प्रतिकूल मौसम और कठिन भूभाग में तैनात सैनिकों से बातचीत की।
उत्तरी कमान के प्रमुख ने नियंत्रण रेखा के निकट सुंदरबनी सेक्टर में स्थिति का जायजा लिया
