जशपुर, 26 दिसंबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ वंश संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चौकी सोन क्यारी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तालासिली में गौ वंश का अवैध वध कर मांस बनाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
एसपी कार्यालय से शुक्रवार को मिली जानकारी के मुताबिक 25 दिसंबर को प्रार्थी छवि यादव, निवासी ग्राम छून्दरू पाठ ने चौकी सोन क्यारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में बताया गया कि 24 दिसंबर की शाम ग्राम तालासिली के रहने वाले आरोपी सरीफ तिग्गा, इशाक तिग्गा, घनश्याम यादव एवं एक अन्य व्यक्ति उसके पड़ोसी खुलेश्वर यादव के घर पहुंचे थे और एक बछड़े को खरीदने के लिए मोलभाव कर रहे थे। अगले दिन सुबह गांव के पास झाड़ियों में भारी मात्रा में खून मिलने से संदेह गहराया, जिसके बाद पूछताछ में बछड़े को बेचने की पुष्टि हुई।
सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम तालासिली में दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी सरीफ तिग्गा के घर से लगभग 7 किलो मांस बरामद किया गया।
पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण में उक्त मांस के गौ वंश का होने की पुष्टि की गई। इसके बाद पुलिस ने सरीफ तिग्गा (30 वर्ष), इशाक तिग्गा (50 वर्ष) एवं घनश्याम यादव (32 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि एक आरोपी फरार है, जिसे शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा, उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ वंश संरक्षण को लेकर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
