भोपाल:देश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शुमार एम्स भोपाल एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को अस्पताल परिसर के भीतर गलियारे में सामूहिक रोजा इफ्तार का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि बाकायदा दस्तरखान बिछाकर बड़ी संख्या में लोगों ने इफ्तार किया, जबकि भोजन भी परिसर में ही तैयार किया गया था।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या इस आयोजन की आधिकारिक अनुमति ली गई थी।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक संस्थान का उच्च प्रबंधन इस पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञ बताया जा रहा है, हालांकि वीडियो वायरल होते ही मामले की सूचना केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंचा दी गई है।एम्स में मरीजों और परिजनों के खानपान को लेकर सख्त नियम लागू हैं। ऐसे में गलियारे में सार्वजनिक भोजन व्यवस्था स्वच्छता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है।
