छिंदवाड़ा /चौरई: थाना चौरई क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। महज 12 दिनों में पुलिस ने इस जघन्य वारदात की गुत्थी सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 मार्च 2026 को कुम्हडिया क्षेत्र में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शव की पहचान नहीं हो पाने के कारण मामला पूरी तरह अंधा बना हुआ था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल, मुखबिर तंत्र और घटनास्थल के गहन निरीक्षण के आधार पर मामले की परतें खोलनी शुरू कीं। जांच में खुलासा हुआ कि हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी। आरोपियों ने आपसी विवाद के चलते युवक को रास्ते से हटाने के लिए साजिश रची थी।
साजिश का खौफनाक प्लान
आरोपियों ने पहले युवक को बहाने से बुलाया और फिर उसे XUV कार में बैठाकर सुनसान इलाके में ले गए। वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और धारदार हथियारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या के बाद शव को छिपाने की भी कोशिश की गई, ताकि मामला अंधा बना रहे और पुलिस गुमराह हो जाए।
पुलिस की सख्ती से उगला राज
लगातार दबिश और सख्त पूछताछ के चलते आरोपी ज्यादा देर तक पुलिस के सामने टिक नहीं सके और आखिरकार उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त XUV कार, एक मोटरसाइकिल और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए हैं।
इन आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने अनिल उर्फ निलेश मालवीय (निवासी सिवनी)
सुमित उर्फ मन्नू (निवासी छिंदवाड़ा), देवेंद्र उर्फ देवा (निवासी बिछुआ), मनीष विश्वकर्मा (निवासी परासिया) चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश कर उन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे आगे की पूछताछ कर रही है, जिससे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस टीम की बड़ी सफलता
इस पूरे मामले के खुलासे में चौरई पुलिस की सक्रियता, सतर्कता और रणनीतिक जांच की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए स्पष्ट कहा है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
