ग्वालियर: ग्वालियर निवासी साधना राजीव कोठारी ने गौरैया संरक्षण के लिए एक अनोखा अभियान शुरू किया है। उनका नारा है, गौरैया बुलाओ पर्यावरण बचाओ। उन्होंने अभी तक 2 हजार से ज्यादा वर्ड हाउस निशुल्क वितरित कर विलुप्त होती प्रजाति को बचाने का संदेश दिया। इसके लिए वह पिछले 8-9 साल से दिन रात मेहनत कर रहीं हैं। अभियान की शुरुआत तब की जब उनके घर पर एक गौरैया ने घोंसला बनाया था ।जिसके बच्चे ज़मीन पर गिर गए तभी उन्होंने फ़ैसला कर लिया था कि इस विलुप्त होती प्रजाति को बचाने के लिए उसी समय से उन्होंने अपने घर में घोंसले बनाकर टाँगना शुरू कर दिया आज उनके घर में ढाई सौ से अधिक घोंसले टंगे हुए हैं।
गौरैया के प्रति लगाव
साधना को बचपन से ही गौरैया से लगाव है और यही लगाव उन्हें इस मुहिम तक लाया है। उनका पूरा परिवार, उनके पति राजीव कोठारी का भरपूर साथ मिलता है और वे सभी मिलकर गौरैया संरक्षण के लिए काम कर रही हैं।
गौरैया संरक्षण के लिए काम
साधना कोठारी ने स्कूलों और संस्थाओं में जाकर बच्चों को बर्ड हाउस बनाना सिखा रहीं हैं, जिससे वे भी गौरैया संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। वह बच्चों को सिखा रहीं हैं कि कैसे अपने घरों में गौरैया के लिए घोसले बना सकते हैं और उनकी देखभाल कर सकते हैं।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
