थर्मल रनअवे से भड़की थी आग, अब ओवर वोल्टेज पर टिकी जांच

इंदौर:बृजेश्वरी एनेक्स में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब ओवर वोल्टेज, जर्जर बिजली व्यवस्था और संभावित थर्मल रनअवे पर आकर टिक गई है. शुरुआती तकनीकी आकलन में संकेत मिले हैं कि बिजली के खंभे पर स्पार्किंग और 260 वोल्ट तक पहुंचे हाई वोल्टेज ने हालात बिगाड़े, जिससे वाहन की बैटरी में रिएक्शन हुआ और आग ने विकराल रूप ले लिया. विशेषज्ञों का दावा है कि यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि बिजली सिस्टम की खामियों का परिणाम हो सकता है, जिसमें ईवी चार्जर की भूमिका सीमित मानी जा रही है.

ईवी हादसे की जांच करने पहुंचे एक्सपर्ट का कहना है कि घटना से एक दिन पहले से क्षेत्र में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की शिकायत मिल रही थी. सामान्य 230-240 वोल्ट के बजाय सप्लाई 260-270 वोल्ट तक पहुंच गई थी, जो मानक से काफी अधिक है. रात के समय लोड कम होने पर शहर में इस तरह की समस्या अक्सर देखने को मिलती है. बिजली के खंभे पर पहले से उलझी और जर्जर ओवरहेड वायरिंग अधिक वोल्टेज के कारण गर्म हो गई होगी.

इससे इंसुलेशन कमजोर पड़ा और फेज के बीच संपर्क बनते ही फेज-टू-फेज शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन गई. घटना के वायरल वीडियो में खंभे से चिंगारियां निकलती साफ दिखाई दे रही हैं, जो इसी ओर इशारा करती हैं.बताया जा रहा है कि घर में लगा ईवी चार्जर, जो सामान्य सिंगल-फेज सप्लाई पर चलता है, उसे अचानक 400-415 वोल्ट का हाई वोल्टेज मिल गया होगा. इससे चार्जर का सर्किट फेल हो गया और करंट सीधे बैटरी तक पहुंच गया. पहले से गर्म बैटरी कुछ ही मिनटों में थर्मल रनअवे की स्थिति में पहुंच गई, जिससे वाहन में आग लगी और फिर तेजी से पूरे घर में फैल गई. घर में रखे एलपीजी सिलेंडरों ने आग को और विकराल बना दिया.

विशेषज्ञों के अनुसार हादसे में एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आ रहा है कि शुरुआती पोल फॉल्ट के बाद घर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे दरवाजों के लॉक सिस्टम के काम नहीं करने की बात कही जा रही है, हालांकि इलेक्ट्रॉनिक लॉक होने की पुष्टि नहीं हो सकी है. वहीं, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम को आग बुझाने के दौरान करंट लगना यह दर्शाता है कि अर्थ फॉल्ट और ऑटोमैटिक ट्रिपिंग सिस्टम भी प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहे थे. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आग घर के अंदर सामान्य शॉर्ट सर्किट से लगी होती, तो बाहर खंभे पर इस तरह की चिंगारियां और विस्फोट जैसे हालात नहीं बनते. ऐसे में प्राथमिक रूप से बिजली वितरण तंत्र की खामियां इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही हैं.

घटना बनी शहर के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों ने इंसुलेटेड ओवरहेड कंडक्टर, सभी ईवी चार्जरों के लिए वोल्टेज स्टेबलाइजर और आरसीसीबी अनिवार्य करने, डिस्ट्रीब्यूशन पोल पर उन्नत सुरक्षा सिस्टम लगाने तथा विद्युत उपकरणों के पास एलपीजी सिलेंडर रखने पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत बताई है. लापरवाही बरती गई तो भविष्य में ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं. इसलिए इस हादसे को चेतावनी के रूप में देखा जाए

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