
ग्वालियर। रमजान के पवित्र महीने के समापन के साथ मनाया जाने वाला ईद-उल-फितर का त्योहार समूचे ग्वालियर अंचल में कल 21 मार्च, शनिवार को मनाया जाएगा। चांद के दीदार के आधार पर तय होने वाले इस पर्व को लेकर आज शुक्रवार को अंचल भर में शव्वाल का चांद देखने की तैयारी की जाती रही। रात में शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी ने चांद दिखने एवं कल शनिवार को ईद मनाए जाने का ऐलान किया। ईद के मौके पर शहर की मस्जिदों को सतरंगी रोशनी से सजाया गया है. पुलिस प्रशासन द्वारा शहर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
इस्लामी चंद्र कैलेंडर के अनुसार, ईद-उल-फितर शव्वाल महीने के पहले दिन मनाई जाती है।
परंपरागत रूप से चांद देखने की प्रक्रिया स्थानीय रूयत-ए-हिलाल कमेटी द्वारा की जाती है। आज शाम को शहर के आसमान पर बादल छाए रहने एवं बारिश भी होने के कारण लोगों को चांद के दीदार के लिए इंतजार करना पड़ा। अंततः चांद नजर आ गया और कल 21 मार्च को ईद मनाने का ऐलान किया गया।
कल ईद-उल-फितर पर सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की जाएगी। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देंगे। इस दिन नए कपड़े पहनने, घरों में सेवइयां और मिठाइयां बनाने की परंपरा निभाई जाएगी। यह त्यौहार हर साल की तरह इस बार भी परिवार और समाज में मेल-जोल बढ़ाने का यह प्रमुख अवसर बनेगा।
ईद-उल-फितर से पहले जकात और फितरा देना इस्लाम में अनिवार्य माना गया है। इसका उद्देश्य समाज के जरूरतमंद लोगों को त्योहार की खुशियों में शामिल करना है। मुस्लिम बंधुओ ने कहा कि यह पर्व सामाजिक समानता, भाईचारे और दया का संदेश देता है।
