ग्वालियर: सनाढ्य ब्राह्मण सभा द्वारा डबरा में नहर वाली रोड स्थित काशीकुटीरम में ‘वैदिक पुस्तकालय’ का शुभारंभ किया गया। इस पुस्तकालय में चारों वेद और अठारह पुराणों सहित कई दुर्लभ धार्मिक ग्रंथ आम लोगों के अध्ययन के लिए पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध रहेंगे। यह कार्यक्रम संत श्री भूमानंद महाराज के सानिध्य में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित कौशल किशोर शास्त्री द्वारा कराए गए वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर तहसील मंदिर के पुजारी राहुल महाराज विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उपस्थित धर्मप्रेमी नागरिकों को संबोधित करते हुए संत भूमानंद महाराज ने वेदों और सच्चिदानंद परमात्मा के गूढ़ विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य शास्त्रों और ग्रंथों के माध्यम से ही अज्ञान के अंधकार से निकलकर आत्मप्रकाश के मार्ग पर चल सकता है। शास्त्रों का अध्ययन मनुष्य को ‘मैं’ के विभिन्न स्वरूपों का ज्ञान कराता है और उसे अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाता है।
कार्यक्रम में मौजूद नगर के प्रसिद्ध साहित्यकार राम गोपाल तिवारी ‘भावुक’ ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे वाचनालय युवाओं को साहित्य और सनातन ज्ञान से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होंगे।
