
इंदौर: बहुचर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे तीन आरोपियों को जबलपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर इंदौर पुलिस के हवाले कर दिया है. गिरफ्तार आरोपियों पर 2-2 हजार रुपए का इनाम घोषित था.थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर ने बताया कि आरोपी शशिकांत शर्मा, रवि शर्मा और गौरव शर्मा वारदात के बाद इंदौर से फरार होकर जबलपुर में अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए थे. पुलिस को सूचना मिली थी कि शशिकांत अपनी रिश्तेदार, स्वयं को भाजपा नेत्री बताने वाली शिखा शर्मा के राइट टाउन स्थित घर में छिपा है. इस पर जबलपुर कोतवाली सीएसपी रितेश कुमार शिव के नेतृत्व में लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य की टीम ने दबिश देकर उसे आदि एन्क्लेव से गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर रवि और गौरव को पास के एक अन्य मकान से पकड़ कर तीनों को इंदौर पुलिस के सुपुर्द कर दिया. मामले में इंदौर पुलिस पहले ही विनोद, राहुल और रिंकू को गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं सत्यम और एक अन्य आरोपी रवि अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है.
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पारिवारिक विवाद में अपहरण के बाद बेरहमी से की गई थी हत्या
घटना 17 जनवरी 2026 को सामने आए इस सनसनीखेज मामले में पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया था. आरोप है कि आठ लोगों ने मिलकर अक्षय शर्मा का अपहरण किया और उसे जबरन कार में बैठाकर इंदौर से करीब 100 किलोमीटर दूर शाजापुर ले गए थे. यहां एक फार्महाउस पर आरोपियों ने उसके साथ अमानवीय बर्ताव करते हुए बेरहमी से मारपीट की. उसे निर्वस्त्र कर गर्म लोहे की रॉड से दागा गया और शरीर के संवेदनशील हिस्सों को भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था.
गंभीर हालत में 18 जनवरी को आरोपी उसे बाणगंगा थाना क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए थे. पुलिस ने उसे तत्काल एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी. जांच में सामने आया कि मृतक का अपने चाचा गोविंद व अन्य परिजनों से पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया. साथ ही, परिवार की एक युवती से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज एफआईआर को भी विवाद की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था
