बीजिंग, 20 मार्च (वार्ता/शिन्हुआ) चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने जापान से अपने गलतियों पर विचार करने और उन्हें सुधारने, अपना रुख बदलने और गलत रास्ते पर आगे बढ़ने से बचने का आह्वान करता है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जारी एक रिपोर्ट के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में ये टिप्पणियां कीं। रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान पर जापान के पहले के रुख में काफी बदलाव आया है। हालांकि, जापानी सरकार ने कहा कि अस्तित्व खतरा को निर्धारित करने के उसके तरीके में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
श्री लिन ने कहा कि जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के ताइवान पर गलत बयान ने चीन के अंतरिक मामलों में खुलेआम हस्तक्षेप किया है, ताइवान मुद्दे में सशस्त्र हस्तक्षेप करने की जापान की महत्वाकांक्षा को उजागर किया है और चीन के खिलाफ बल के उपयोग की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि चीन ने इस संदर्भ में बार-बार अपनी गंभीर स्थिति व्यक्त की है।
प्रवक्ता ने कहा कि रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सुश्री ताकाइची की टिप्पणियों की दुर्भावनापूर्ण प्रकृति एवं प्रभाव के बारे में तेजी से जागरूक हो रहा है और जापान की सक्रिय उकसावे वाली कार्रवाइयों को उजागर करने वाले खतरनाक कदमों के प्रति सतर्क बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि जापान के लिए केवल यह दावा करके खुद को सही ठहराना और अपने एशियाई पड़ोसियों एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास जीतना मुश्किल है कि उसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
श्री लिन ने कहा, “चीन जापान से आग्रह करता है कि वह अपनी गलतियों पर विचार करे और उन्हें सुधारे, अपना रुख बदले और चीन एवं जापान के बीच हुए चार राजनीतिक दस्तावेजों को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए, अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम रहे, जापानी संविधान में निहित शांतिवादी प्रावधानों का पालन करे और गलत रास्ते पर और आगे न बढ़े।”
