
जबलपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जबलपुर मेें बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम की धाराओ के तहत छापामारी की कार्रवाई की गई है। मामला कमाई को विदेश में खपाने का है। इंदौर ईडी ने गोपनीय तरीके से राजुल बिल्डर्स एंड प्रमोटस के ठिकानों पर सर्चिंग ऑपरेशन चलाया है जिसमें अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए है ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजुल ग्रुप के पार्टनर प्रियांक मेहता के यहां सितम्बर 2023 में आयकर विभाग की टीम ने छापमारी की थी। विदेशी संपत्तियां उजागर हुई थी। इस दौरान जमीनों की खरीद फरोख्त से जुड़े अहम दस्तावेज आयकर विभाग के हाथ लगे थे। इसी मामले में ईडी की एंट्री हुई और ईडी ने प्रियांक के तीन परिसरों में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम की धाराओ के तहत छापामारी की कार्रवाई की है।
अमेरिकी डॉलर में भेजे गए करोड़ों-
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजुल बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स ने शहर में जमीन बेचने के साथ काली कमाई को विदेशों में ठिकाने लगाया है। विदेश में साढ़े तीन करोड़ 65 लाख रुपए से अधिक कीमत का फ्लैट खरीद है। यह राशि पहले पांच लाख 48 हजार अमेरिकी डॉलर में अमेरिका भेजी गई थी जो पुर्तगाल पहुंची थी।
लिस्बन मेेंं खरीदा आलीशन फ्लैट
सूत्रों के मुताबिक राजुल बिल्डर्स के तीन ठिकानों पर छापामारी की गई। अहम दस्तावेज भी हाथ लगे है जिसमें यह पता चला है कि प्रियांक ने पांच लाख 10 हजार यूरो याने की तीन करोड़ 64 लाख रुपए कीमत का पुर्तगाल के लिस्बन में आलीशान फ्लैट खरीदा है।
सर्चिंग में दस्तावेज-नगदी भी मिली
सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान 31 लाख रुपए की नकद मिले। इसके साथ ही यह भी पता चला कि उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत पांच लाख 48 हजार रुपए अमेरिकी डॉलर अमेरिका भेजे गए हैं, जिसे बाद में पुर्तगाल भेजा गया। इसके अलावा चार लाख 20 हजार 998 यूरो याने तीन करोड़ 65 लाख रुपए भी पुर्तगाल भेजे गए थे।
लिस्बन में भी बैंक खाता, ट्रांजेक्शन जुटाया जा रहा ब्यौरा
प्रियांक के पुर्तगाल के लिस्बन बैंक में भी एकाउंट है। जिसके ट्रांजेक्शन का ब्यौरा भी जुटाया जा रहा है। सूत्रों की माने तो खातों में करोड़ों की राशि जमा है ।
