नयी दिल्ली, 19 मार्च (वार्ता) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क सुरक्षा में सुधार लाने के लिए देशभर में जमीनी स्तर पहल को आवश्यक बताते हुए इसके लिए सड़क सुरक्षा मित्रों की सक्रियता बढ़ाने पर बल दिया है।
मंत्रालय में सचिव वी. उमाशंकर ने गुरुवार को सड़क सुरक्षा स्वयंसेवकों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और जीवन बचाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में देश के युवाओं की अहम भूमिका है और इसलिए युवाओं को सड़क सुरक्षा के लिए सक्रिय योगदान देने के वास्ते सशक्त बनाने की जरूरत है।
श्री उमाशंकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तहत आईआईटी मद्रास में स्थापित ‘सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ की पहली प्रत्यक्ष प्रशिक्षण सह कार्यशाला में उन सड़क सुरक्षा मित्र स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे जिन्होंने 16-18 मार्च तक आयोजित प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। तीन दिवसीय इस गहन कार्यशाला में पांच राज्यों के 13 जिलों से आए 53 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इन युवाओं को दुर्घटनाओं के समय तत्काल प्रतिक्रिया, सड़क सुरक्षा ऑडिट और जिला-स्तरीय सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
श्री उमाशंकर ने पूरे देश में सड़क सुरक्षा में सुधार लाने में जमीनी स्तर के हस्तक्षेप की भूमिका पर बल दिया और कहा कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना का कोई न कोई अंतर्निहित कारण अवश्य होता है और इन कारणों की पहचान करके उनका समाधान करने से भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने में मदद मिल सकती है।
