नयी दिल्ली, 19 मार्च (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज उस आपराधिक मामले को खारिज कर दिया, जिसमें उन पर वीडियो शूट में सांप के जहर का इस्तेमाल करने और रेव पार्टियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह फैसला सुनाया।
न्यायालय ने कहा कि जिस पदार्थ (जहर) की बात की जा रही है, वह वैधानिक अनुसूची में शामिल नहीं है। पीठ ने इस दलील पर भी गौर किया कि एल्विश यादव के पास से व्यक्तिगत रूप से कोई बरामदगी नहीं हुई। आरोप पत्र में केवल यह दावा किया गया कि उन्होंने अपने एक सहयोगी के जरिए ‘ऑर्डर’ दिया था। पीठ ने कहा कि इन कानूनी आधारों पर प्राथमिकी का आधार नहीं बनता, लेकिन उसने आरोपों के गुण-दोष पर विचार नहीं किया है।
न्यायालय ने सक्षम अधिकारियों को यह छूट दी है कि वे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 55 के तहत उचित शिकायत दर्ज करने सहित कानून के अनुसार नयी कार्यवाही शुरू कर सकते हैं।
