राजगढ़: बहुप्रतीक्षित रामगंज मंडी भोपाल नई रेल लाइन परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है. बुधवार को खिलचीपुर से राजगढ़ सिटी करीब 17.8 किमी खंडका रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) गुरु प्रकाश द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया.स्टेशन पहुंचे सैकड़ों लोग सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यम से जजैसे जैसे लोगों को ट्रेन के प्रथम आगमन की सूचना मिली वैसे ही लोग बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशन पहुंचने लगे दिनभर राजगढ़ स्टेशन पर सामान्य बड़े स्टेशन की तरह लोगों का हुजूम देखा गया जिसको पुलिस बल नियंत्रित करते देखे गए इस सफल निरीक्षण के साथ ही क्षेत्रवासियों का वर्षों पुराना इंतजार अब खत्म होने के करीब है यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आने वाले तीन महीनों में कोटा से राजगढ़ तक ट्रेन को सीटी गूंजने लगेगी
यात्री ट्रेन संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है. निरीक्षण के दौरान सीआरएस गुरु प्रकाश ने पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों और तकनीकी दल के साथ करीब 3 घंटे तक मोटर ट्रॉली के जरिए खिलचीपुर से राजगढ़ स्टेशन तक पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया गया इस दौरान ट्रैक की गुणवत्ता, स्थिरता, सौभाई, पुल-पुलिया लेवल क्रॉसिंग, अंडरपास सिग्नलिंग और दूरसंचार
इस दौरान 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया, जिससे इस रूट पर
5 जिलों को मिलेगा सीधा रेल कनेक्शन
यह रेल परियोजना कोटा, झालावाड़, राजगढ़, सीहोर और भोपाल सहित पांच जिलों को सीधे जोड़ने का काम करेंगी साथ ही कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट तक कोयता परिवहन का रास्ता भी करीब 42 किमी छोटा हो जाएगा, जिससे माल ढुलाई लागत में कमी आएगी रामगंज मही झालरापाटन, असनावर, अकलेरा, घाटोली भोजपुर और खिलचीपुर जैसे स्टेशनों से गुजरने वाली यह लाइन ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा और व्यापार के नए अवसर खोलेगी
व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई. सीआरएस गुरु प्रकाश ने नवभारत से चर्चा में बताया कि सभी तकनीकी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और अब तक की जांच में अधिकांश बिंदु संतोषजनक पाए गए है. उन्होंने संकेत दिए कि ट्रॉली सर्वे और स्पीड ट्रायल के बाद ट्रेन संचालन को हरी झंडी मिलने की संभावना मजबूत हो गई है.
3 महीने में शुरू होगी यात्री सेवा
निरीक्षण के दौरान मौजूद कोटा मंडल के डी आर एम अनिल कालरा ने नवभारत को बताया कि आगामी तीन महीनों के भीतर कोटा से राजगढ़ तक यात्री ट्रेन सेवा शुरू कर दी जाएगी उन्होंने कहा कि फिलहाल राजस्थान के घाटोली और अकलेरा तक चल रही पैसेंजर ट्रेनों को ही प्रारंभिक रूप से बढ़ाकर राजगढ़
तक लाया जाएगा परियोजना को मिली रफ्तार
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार 276 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में रामगंज मंडी से ब्यावरा तक लगभग 165 किमी हिस्सा कोटा मंडल के अंतर्गत आता है. मंडल द्वारा तेजी से कार्य करते हुए रामगंज मंडी से खिलचीपुर तक ट्रैक और अधिकांश आधारभूत ढांचा तैयार कर लिया गया है इससे पहले फरवरी 2025 में नवागांवपुरा कुमार खिलवीपुर और जुलाई 2025 में जरखेडा शामपुर खंड का सफल सीआरएस निरीक्षण हो चुका है
100 किमी कम होगी दूरी, 2-3 घंटे की बचत
नई रेल लाइन शुरू होने के बाद कोटा और भोपाल के बीच यात्रा में बड़ा बदलाव आएगा वर्तमान में यात्रियों को नागदा, उज्जैन या बीना होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. लेकिन नई लाइन से करीब 100 किलोमीटर दूरी कम होगों और यात्रा समय में 2 से 3 घंटे की बचत होगी।
