सीमांकन के बाद भी कार्यवाही नहीं होने से ग्रामीणों ने बंद किया निजी रास्ता

जबलपुर: जिले की पाटन तहसील के अंतर्गत आने वाली गुरु पिपरिया ग्राम पंचायत में श्मशान भूमि और वहां तक जाने वाले रास्ते को लेकर पिछले दो महीनों से विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा सीमांकन किए जाने के बाद भी कब्जाधारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसको लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार और एसडीएम के खिलाफ जनसुनवाई में शिकायत भी दर्ज कराई है। विवाद बढ़ने के बाद गांव के कुछ लोगों ने, जो वर्षों से श्मशान जाने के लिए अपनी निजी जमीन का हिस्सा रास्ते के रूप में खुला छोड़ते आए थे, आक्रोश में आकर उस रास्ते को भी बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब श्मशान की सरकारी भूमि से कब्जा नहीं हटाया जा रहा है तो वे अपनी निजी जमीन क्यों दें।
शिकायत के बाद हुआ था सीमांकन
ग्रामीणों के अनुसार मामले की शिकायत पहले कलेक्टर की जनसुनवाई में की गई थी। इसके बाद 10 फरवरी को प्रशासनिक टीम ने श्मशान भूमि का सीमांकन कराया था। सीमांकन के दौरान श्मशान तक जाने के लिए सरकारी भूमि को चिन्हित किया गया था, लेकिन करीब एक महीने बीत जाने के बावजूद वहां से कब्जा नहीं हटाया गया।
कई बार तहसील कार्यालय के लगाए चक्कर
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। इसी बीच गांव के निवासी पहाड़ी नामक व्यक्ति का निधन हो गया। अंतिम संस्कार के लिए श्मशान तक रास्ते की समस्या को लेकर 7–8 ग्रामीण अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान एसडीएम ने कहा कि गांव में सभी लोग कहीं न कहीं कब्जा किए हुए हैं और आप लोगों ने भी कब्जा किया होगा। इस बयान से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसे बिना प्रमाण लगाया गया आरोप बताया।
पंचनामा में विवाद करने वालों के नाम भी दर्ज
ग्रामीणों के अनुसार सीमांकन के दौरान तैयार किए गए पंचनामा में विवाद और अभद्र व्यवहार करने वालों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। पंचनामा में विश्व रतन, विवेक शर्मा और मूलचंद शर्मा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये सभी कृष्णकांत के परिवार से जुड़े हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही श्मशान भूमि से कब्जा हटाने और स्थायी रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई तो वे दोबारा कलेक्टर के समक्ष यह मामला उठाएंगे।
इनका कहना है
श्मशान घाट भूमि में अतिक्रमण को लेकर शिकायत पहुंची थी। उस भूमि पर अतिक्रमण तो है, जिसका केस अभी तहसीलदार साहब के यहां चल रहा है।
मानवेंद्र सिंह, एसडीएम पाटन

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