40 घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम समावेशी न्याय को सुदृढ़ करेगा : मुख्य न्यायाधीश श्री सचदेवा

जबलपुर । समावेशी न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देश का प्रथम श्रवण एवं वाणी बाधित प्रोफेशनल्स तथा साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर्स के लिए 40 घंटे का 5 दिवसीय मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 से 18 मार्च तक इंदौर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का समापन सत्र 18 मार्च को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के समिति कक्ष क्रमांक-1 में न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, कार्यपालक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अन्य न्यायमूर्तिगण की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इंदौर एवं ग्वालियर खंडपीठ के न्यायमूर्तिगण वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए यह कार्यक्रम पांच दिवसीय प्रशिक्षण की प्रमुख झलकियों का वीडियो प्रस्तुतीकरण दर्शाया जाकर प्रारंभ किया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस पहल के सकारात्मक एवं परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित किया। तत्पश्चात, मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली की वरिष्ठ प्रशिक्षक अनुजा सक्सेना एवं रीमा भंडारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा अनुभव साझा किये।

नवाचार करता है बाधाओं को दूर

अपने समापन उद्बोधन में न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा मुख्य न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि न्याय का वास्तविक स्वरूप तभी साकार होता है जब वह प्रत्येक व्यक्ति तक सुलभ हो। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि संवाद में आने वाली बाधाएं न्याय तक पहुंच में अवरोध उत्पन्न करती हैं और इस प्रकार के नवाचार इन बाधाओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा यह भी कहा कि मध्यस्थता केवल मौखिक संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समझ, संवेदनशीलता और विश्वास पर आधारित प्रक्रिया है।

इनकी रही उपस्थिति

इस अवसर पर धरमिन्दर सिंह, रजिस्ट्रार जनरल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं रजिस्ट्री के अधिकारीगण, उमेश पांडव, निदेशक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी एवं अकादमी के अधिकारीगण, सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, अरविन्द श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अनिरुद्ध जैन, उप सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

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