एक ही चेहरे पर एक्टिव मिलीं 101 सिम, रैकेट का भंडाफोड़, तीन पर एफआईआर

जबलपुर। ऑपरेशन फेस के तहत एक ही चेहरे का उपयोग कर 101 फर्जी सिम एक्टिवेट करने वाले रैकेट का भंडफ़ोड़ हुआ है। क्राइम ब्रांच ने तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

जानकारी के अनुसार दूरसंचार विभाग द्वारा वर्ष 2023 में आधारित फेशियल रिकग्निशन टूल के माध्यम से डेटा विश्लेषण किया गया था। इसमें यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि एक ही चेहरे का उपयोग कर अलग-अलग नाम और पते पर 50 से अधिक सिम एक्टिवेट की गई हैं। राज्य सायबर मुख्यालय द्वारा प्राप्त डेटा की जांच में जबलपुर के एक ही चेहरे पर 101 सिम एक्टिव होने की जानकारी मिली थी।

जांच में महिला की हुई पहचान

सायबर सेल की गई प्रारंभिक जांच में उक्त चेहरे की पहचान प्राची जैन पति चेतन जैन, 31 वर्ष निवासी जवाहरगंज हाल निवासी ग्राम डोभी नरसिंहपुर के रूप में की गई। जांच में पाया गया कि प्राची जैन की फोटो का दुरुपयोग कर कुल 101 सिम निकाली गई थीं, जिनमें से 95 सिम वोडाफोन-आइडिया कंपनी की थीं। ये सभी सिम अलग-अलग व्यक्तियों के नाम-पते पर जारी की गई थीं, लेकिन फोटो केवल प्राची जैन की ही इस्तेमाल हुई थी।

एजेंटों की भूमिका आई उजागर

पुलिस की तस्दीक में धोखाधड़ी में शामिल कई पॉइंट ऑफ सेल एजेंटों के नाम उजागर हुए हैं, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर सिम एक्टिवेट कीं गई। जिसमें मनोज मोबाइल से 62 सिम, शादाब मोबाइल से 10 सिम, पब्लिक सर्विस सेंटर से 9 सिम, नर्मदा मोबाइल से 6 सिम कंप्यूटर हब से 5 सिम, अप्पू मोबाइल से 2 सिम, शेखर मोबाइल से 1 सिम उजागर हुई।

कस्टमर एप्लीकेशन फार्म की जांच रिपोर्ट से खुलासा-

पुलिस ने वोडाफोन-आइडिया कंपनी से प्राप्त प्रारंभिक तीन कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म की जांच की। इसमें अशोक कुमार तिवारी, भूरी बाई और रमा बाई जैसे व्यक्तियों के नाम पर सिम दर्ज थीं, लेकिन उन सभी फॉर्म पर फोटो प्राची जैन की लगी पाई गई।

दूरसंचार विभाग और पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार, फर्जी दस्तावेजों और बायोमेट्रिक के दुरुपयोग के इस मामले में संलिप्त सभी एजेंटों और मास्टरमाइंड के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से सायबर अपराधों के लिए फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क पर बड़ी चोट की गई है।

10 रूपए का लालच देकर सिमें कराई एक्टिव

प्राची जैन को सायबर सेल बुलाकर पुछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए । जिन्होंने बताया कि उक्त फोटो स्वयं की है। अजय पटेल के द्वारा प्रत्येक सिम पर 10 रुपये का लालच दिया गया। लालच में आकर अलग अलग एंगल से अपनी 50-60 फोटो भेज दी गई थी एवं इसे इस काम के लिये अजय पटेल द्वारा 500-600 रुपये दिये गये थे।

टारगेट को पूरा करने फर्जीवाड़ा

पीओएस पब्लिक सर्विस सेंटर के संचालक इस्तीकार खान पिता मस्ताक खान निवासी घमापुर रोड फूटाताल खटीक मोहल्ला गौसिया मस्जिद के पास कोतवाली कके बयान भी लिए गए जिसने बताया की पूर्व से प्राची जैन को जानता है एवं बीएसएनएल सिम के काम से इसकी दुकान पर आना जाना था। कंपनी द्वारा दिये गये टारगेट को पूरा करने के लिये इसके द्वारा प्राची जैन के फोटो का उपयोग करके 10 सिमें एक्टिवेट करवायी गई है। बदले में प्रत्येक सिम पर 30-40 रुपये का लाभ होता था। क्राइम ब्रांच ने प्राची जैन, इस्तीकार खान एवं अजय पटेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है ।

Next Post

कथित पटवारी ने वर्दी उतरवाने की दी धमकी, थाने में घुस तोड़ा कांच, एफआईआर

Wed May 6 , 2026
जबलपुर। घमापुर थाना अंतर्गत व्हीकल मोड में वाहन चेकिंग के दौरान कथित पटवारी ने ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं और खाकी को रौब दिखाया बल्कि पुलिसकर्मियों के साथ सरेराह अभद्रता की। वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली। इसके बाद थाने में घुसकर कांच तोड़ दिया । आरोपी ने थाने के […]

You May Like