भोपाल। मानस भवन के पीछे शुक्रवार को बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मानस भवन ट्रस्ट द्वारा बिना नगर निगम और एनजीटी की अनुमति के सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं. इस घटना को लेकर क्षेत्र में नाराजगी बढ़ती जा रही है और पर्यावरण प्रेमियों ने भी चिंता जताई है. वार्ड 24 की पार्षद शबिस्ता आसिफ ज़की ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि शहर में लगातार हरियाली कम होती जा रही है और यदि इसी तरह बिना अनुमति पेड़ों की कटाई होती रही तो इसका सीधा असर पर्यावरण और आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ेगा. पार्षद ने आरोप लगाया कि नियमों को नजरअंदाज कर पेड़ों को काटा जा रहा है, जबकि पर्यावरण संरक्षण के लिए शासन और न्यायालय लगातार निर्देश जारी करते रहे हैं.
प्रशासन मौके पर जांच कराए
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानस भवन के आसपास का क्षेत्र लंबे समय से हरियाली के लिए पहचाना जाता रहा है. बड़ी संख्या में पेड़ों के कटने से पक्षियों का बसेरा भी प्रभावित हो रहा है और क्षेत्र का तापमान बढऩे की आशंका है. लोगों ने मांग की है कि प्रशासन मौके पर जांच कराए और यदि बिना अनुमति पेड़ काटे गए हैं तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
पार्षद शबिस्ता ने कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण ही नहीं बल्कि आने वाली पीढिय़ों की सुरक्षा का आधार हैं. शहर में विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन विकास के नाम पर हरियाली खत्म करना उचित नहीं है. उन्होंने नगर निगम और संबंधित विभागों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है.
