
जबलपुर। जबलपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद आशीष दुबे ने मंगलवार को लोकसभा में जबलपुर संसदीय क्षेत्र से जुड़ी रेल सेवाओं के उन्नयन की मांग जोरदार तरीके से उठाई। बजट सत्र 2026-27 के दौरान अनुदान की मांग पर चर्चा के दौरान सांसद श्री आशीष दुबे ने लोकसभा में केंद्र की मोदी सरकार के अंतर्गत रेल विभाग में रिकॉर्ड पूंजीगत निवेश, तेज गति से बढ़ते अवसंरचना विकास, ग्रीन रेल्वे लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम, यात्री अनुभव के नये स्वरूप, स्वदेशी कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, समर्पित सुरक्षा कोच, ट्रेनों और स्टेशनों का समावेशी आधुनिकिरण, इंजीनियरिंग चुनौतियों में नये आयाम, लॉजिस्टिक पावर हाउस आदि की चर्चा करते हुये कहा कि मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेल ने विकास, यात्री सुविधाओं और माल वाहन क्षमता के नये आयाम स्थापित किये हैं। अपने उद्बोधन में सांसद श्री दुबे ने यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मार्गदर्शन में रेल्वे की विकास यात्रा को अभूतपूर्व बताते हुये कहा कि भारतीय रेल जहां यात्रियों को तेज सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान कर रही है वहीं मालवाहक ट्रेनें अधिकतम लदान क्षमता के साथ देश के विकास को भी गति प्रदान कर रही हैं। सांसद श्री दुबे ने रेल्वे के आधुनिकिरण और सुधारों की चर्चा करते हुये वंदे भारत ट्रेन का उदाहरण भी दिया।
पुणे, अमृतसर के लिए चले ट्रेनें
जबलपुर संसदीय क्षेत्र से संबंधित मांगों को उठाते हुये सांसद श्री दुबे ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम मध्य रेल का मुख्यालय जबलपुर में स्थित है और क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये जबलपुर अंचल को केंद्र सरकार की ओर से और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के माध्यम से कई सौगातें मिली हैं परंतु अभी भी कुछ बिंदु ऐसे हैं जिन पर रेल मंत्री दृष्टि डालेंगे तो क्षेत्र के विकास की गति और बढ़ जायेगी। सांसद श्री दुबे ने कहा कि जबलपुर से दमोह के बीच नई रेल्वे लाईन, पश्चिम मध्य रेल जोन के कार्यक्षेत्र में नये स्टेशनों को शामिल करना, जबलपुर से पुणे और अमृतसर सहित अन्य स्थानों के लिये प्रतिदिन ट्रेनों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जबलपुर से छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी को वृहद आकार देते हुए रायपुर और नागपुर के लिये नई ट्रेनों का चलाया जाना जरूरी है और जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-गोंदिया ब्रॉडगेज लाईन का काम पूरा होने के बाद अब इस मार्ग पर नई ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। सांसद श्री दुबे ने कहा कि जबलपुर से बेंगलुरू, अहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई और तिरूअनंतपुरम के लिये भी सीधी ट्रेन चलाने की जरूरत है।
रेल मंत्री को दिया धन्यवाद
सांसद श्री दुबे ने जबलपुर-गोंदिया रेल लाईन दोहरीकरण परियोजना को स्वीकृति देने के लिये रेल मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे उत्तर-दक्षिण भारत के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ-सथ पर्यटन और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि जबलपुर-गोंदिया रेल लाईन दोहरीकरण के लिये 5236 करोड़ रूपये की परियोजान को स्वीकृति प्रदान की गई है। सांसद श्री दुबे ने लोकसभा में उद्बोधन में जबलपुर संसदीय क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न रेल सुविधाओं की मांग की। उद्बोधन में सांसद श्री दुबे ने कहा कि पश्चिम मध्य रेल क्षेत्र जोन में ग्वारीघाट से लेकर गढ़ा रेल्वे स्टेशन और आगे तक के कुछ अन्य स्टेशनों को शामिल किये जाने की आवश्यकता है। वर्तमान में ये सभी स्टेशन जबलपुर या जबलपुर के अत्यंत निकट स्थित हैं परंतु इनका कार्य संचालन एस.ई.सी.आर. यानी दक्षिण पूर्व मध्य रेल जोन के अंतर्गत किया जा रहा है।
