बेसर कॉलोनी में तेंदुए का हमला, पहले गाय अब बकरे को बनाया शिकार, दहशत में ग्रामीण

सलामतपुर। सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेसर कॉलोनी में तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। कल रात करीब 9 बजे तेंदुआ गांव में घुस आया और ओमप्रकाश के घर से एक बकरे को उठाकर ले गया। घर के लोगों को आहट होने पर जब वे बाहर आए तो देखा कि तेंदुआ बकरे को लेकर जा रहा है। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। बाद में बकरे को देखा गया तो वह मृत पाया गया।पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि इससे पहले 2 मार्च को भी उनकी गाय को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया था। इसके अलावा गांव के कई मवेशियों पर भी तेंदुआ हमला कर चुका है। लगातार हो रही घटनाओं से गांव के लोगों में डर का माहौल है। पीड़ित ग्रामीण ने वन विभाग से मुआवजा राशि की मांग की है।

क्षेत्र में तेंदुए का भी बना हुआ है मूवमेंट, अब तक 30 मवेशियों पर कर चुका हैं हमला–

पश्चिम वन क्षेत्र के ग्राम कायमपुर, नरखेड़ा, कुल्हाड़िया और सत्ती गांव सहित आसपास क्षेत्र में तेंदुए के बढ़ते आतंक से भी ग्रामीण परेशान और भयभीत हैं। गांव में तेंदुआ लगातार मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है। पिछले एक साल में तेंदुआ अब तक 30 मवेशियों पर हमला कर चुका है। कुछ दिन पूर्व भी एक ग्रामीण के घर के पीछे बंधे गाय के बछड़े पर तेंदुए ने हमला किया था। यह घटना रात करीब 2 बजे की थी। तेंदुए के हमले से बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया था और जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए उसकी मौत हो गई थी। बताया कि एक साल पहले भी उनके एक अन्य बछड़े को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है। यह दूसरी बार था जब उनके मवेशी पर तेंदुआ ने हमला किया। गांव के लोग तेंदुए के डर से रातों में बाहर निकलने से डरते हैं। एक साल से तेंदुए के हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं ।ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और मवेशियों को बचाया जा सके।

आसपास क्षेत्र के गांवों में दहशत बनी हुई है बाघ की भी दहशत, दो मवेशी को बना चुका है शिकार

बालमपुर घाटी सहित आसपास क्षेत्र सहित सांची विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अंबाडी के गांव सत्ती में जंगल क्षेत्र में बाघ से दहशत का माहौल है। गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल में बाघ ने दो बैलों का शिकार कर चुका है। मृत बैलों की पहचान सफेद बैल लाल सिंह राम तथा लाल बैल लच्छू राम, दोनों निवासी ग्राम सत्ती के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों बैलों को कुछ दिन पहले सुबह करीब 5 बजे जंगल की ओर चरने के लिए छोड़ा गया था। सुबह लगभग 7 बजे ग्रामीणों ने जंगल में दोनों बैलों को मृत अवस्था में देखा। बैलों के शरीर पर बाघ के पंजों और जबड़े के स्पष्ट निशान पाए गए, ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी क्षेत्र में बाघ को देखा जा चुका है और कई मवेशी उसका शिकार बन चुके हैं। लगातार घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। पीड़ित पशुपालकों को इस घटना से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, बाघ की निगरानी करने तथा पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।

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